THE 2027 रैंकिंग में IISc की स्थिति और भारतीय उच्च शिक्षा की तस्वीर

THE 2027 रैंकिंग में IISc की स्थिति और भारतीय उच्च शिक्षा की तस्वीर

टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु को 254वां स्थान मिला है। यह संस्थान 2024 और 2025 संस्करणों में 201-250 के दायरे में था। नई रैंकिंग में IISc भारत का सर्वोच्च स्थान पाने वाला संस्थान बना रहा, लेकिन इस बार कोई भी भारतीय विश्वविद्यालय वैश्विक शीर्ष 250 में जगह नहीं बना सका।

THE रैंकिंग 2027 में क्या बदला

THE वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग दुनिया भर के विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन शिक्षण, शोध वातावरण, शोध गुणवत्ता, उद्योग से जुड़ाव और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण जैसे मानकों पर करती है। 2027 संस्करण में रिकॉर्ड 2,297 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया। IISc बेंगलुरु ने 57.0 का समग्र स्कोर हासिल किया और 254वें स्थान पर अमेरिका की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के साथ संयुक्त रूप से रहा।

IISc की रैंकिंग और प्रदर्शन

IISc का सबसे मजबूत पक्ष शोध वातावरण रहा, जिसमें उसे 98.0 अंक मिले। शिक्षण में संस्थान को 62.1 और शोध गुणवत्ता में 58.6 अंक प्राप्त हुए। यह प्रदर्शन बताता है कि IISc की शोध क्षमता अब भी बहुत मजबूत है, हालांकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में रैंकिंग का दबाव बढ़ा है। पिछले दो संस्करणों में 201-250 बैंड में रहने के बाद 254वें स्थान पर आना भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है।

भारत की उपस्थिति और व्यापक संदर्भ

THE 2027 सूची में भारत के 143 संस्थान शामिल हुए, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 128 थी। इस तरह भारत लगातार दूसरे वर्ष एशिया में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश बना। यह बढ़ती भागीदारी भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली की व्यापक उपस्थिति को दिखाती है, लेकिन शीर्ष स्तर पर पहुंचने के लिए शोध, शिक्षण गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत भी सामने आती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • IISc, बेंगलुरु की स्थापना 1909 में हुई थी।
  • THE वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग हर साल प्रकाशित की जाती है।
  • 2027 संस्करण में 2,297 विश्वविद्यालय शामिल किए गए, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
  • IISc को 2027 रैंकिंग में शोध वातावरण के लिए 98.0 अंक मिले।

कुल मिलाकर, 2027 की रैंकिंग में IISc की स्थिति भारतीय संस्थानों की मजबूत मौजूदगी के बावजूद वैश्विक शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा की चुनौती को उजागर करती है।

Originally written on October 1, 2026 and last modified on October 1, 2026.

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