उत्तर कोरिया का क्लस्टर वारहेड परीक्षण बढ़ाएगा क्षेत्रीय चिंता

उत्तर कोरिया का क्लस्टर वारहेड परीक्षण बढ़ाएगा क्षेत्रीय चिंता

उत्तर कोरिया ने 31 अक्टूबर 2026 को सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल के लिए क्लस्टर बम वारहेड का परीक्षण किया। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने इसकी जानकारी 1 नवंबर को दी। यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य गतिविधियों पर दक्षिण कोरिया और अमेरिका की करीबी निगरानी बनी हुई है।

परीक्षण में क्या सामने आया

उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रशासन के अनुसार, ‘स्टैंडर्ड टाइप-2’ वारहेड 12 से 13 हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य को नष्ट करने में सक्षम है। यह लगभग 30 से 32 एकड़ के बराबर है। परीक्षण में मिसाइल उत्तर प्योंगान प्रांत के जोंगजू के पास से दागी गई और पश्चिम सागर के एक निर्जन द्वीप को निशाना बनाया गया। पश्चिम सागर को पीला सागर भी कहा जाता है।

केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के किम जोंग-सिक ने परीक्षण की निगरानी की। नेता किम जोंग-उन की इसमें मौजूदगी की सूचना नहीं दी गई। प्रकाशित तस्वीरों में ह्वासोंग-11डी कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दिखाई दी। विश्लेषकों ने इसे पहिएदार मोबाइल प्रक्षेपक से क्लस्टर वारहेड वाली मिसाइल के संभावित पहले प्रक्षेपण के रूप में देखा है।

आगे की तैनाती और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रशासन, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली संस्थान और वारहेड संस्थान ने परीक्षण संबंधी जानकारी दी। देश की योजना 2026 के अंत तक सैन्य इकाइयों को क्लस्टर वारहेड की चार श्रेणियों में से चयन करने देने की है। इन श्रेणियों को विशेष और मानक उद्देश्यों के लिए वर्गीकृत किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि उत्तर कोरिया इन हथियारों को अपनी सैन्य इकाइयों के विकल्पों में शामिल करने की तैयारी कर रहा है।

दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ ने परीक्षण वाले दिन प्रक्षेपण की घोषणा नहीं की। बाद में उसने संबंधित गतिविधि पर नजर रखने और अमेरिका के साथ तैयार रहने की बात कही। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया, दोनों क्लस्टर हथियारों पर प्रतिबंध लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय समझौते के पक्षकार नहीं हैं।

क्लस्टर हथियारों की विशेषता और जोखिम

क्लस्टर हथियार हवा से गिराए जा सकते हैं या जमीन से दागे जा सकते हैं। मुख्य हथियार लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर छोटे विस्फोटक उप-हथियारों को फैलाता है, जिससे एक विस्तृत इलाके पर असर पड़ सकता है। हालांकि, सभी उप-हथियार तुरंत नहीं फटते। बिना विस्फोट के बचे ये गोले हमले के बाद भी लोगों के लिए खतरा बने रह सकते हैं और उनकी पहचान तथा सफाई कठिन एवं खर्चीली होती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • क्लस्टर हथियार एक मुख्य हथियार से कई छोटे विस्फोटक उप-हथियारों को फैलाते हैं।
  • बिना फटे उप-हथियार लंबे समय तक जान-माल के लिए खतरा बने रह सकते हैं।
  • बैलिस्टिक मिसाइल को उड़ान के शुरुआती चरण में प्रणोदन मिलता है; इसके बाद उसका अधिकांश मार्ग बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र पर होता है।
  • क्लस्टर हथियारों पर प्रतिबंध लगाने वाला अंतरराष्ट्रीय समझौता क्लस्टर हथियार अभिसमय कहलाता है।

क्लस्टर वारहेड का परीक्षण उत्तर कोरिया की मिसाइल क्षमताओं और हथियार विकल्पों पर नए सवाल खड़े करता है। विस्तृत क्षेत्र में प्रभाव और बिना फटे उप-हथियारों का जोखिम इसे सैन्य के साथ-साथ मानवीय चिंता का विषय भी बनाता है।

Originally written on November 2, 2026 and last modified on November 2, 2026.

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