इग नोबेल 2026: अजीब लेकिन रोचक शोधों को मिला सम्मान

इग नोबेल 2026: अजीब लेकिन रोचक शोधों को मिला सम्मान

वैज्ञानिक शोध हमेशा गंभीर और पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं होता। इसका एक अलग और व्यंग्यात्मक रूप इग नोबेल पुरस्कारों में दिखता है, जहां ऐसे अध्ययनों को सम्मानित किया जाता है जो असामान्य, विचित्र या हास्यपूर्ण लग सकते हैं, लेकिन सोचने पर विज्ञान की नई दिशा भी दिखाते हैं। 36वां इग नोबेल पुरस्कार समारोह 3 सितंबर 2026 को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ। यह पहली बार था जब यह आयोजन अमेरिका के बाहर हुआ।

इग नोबेल पुरस्कार क्या हैं

इग नोबेल पुरस्कारों का संबंध Annals of Improbable Research से है। यह एक व्यंग्यात्मक पुरस्कार श्रृंखला है, जो ऐसे शोधों को सामने लाती है जिनके विषय असामान्य, मजेदार या अप्रत्याशित होते हैं। इन पुरस्कारों के जरिए यह संदेश भी दिया जाता है कि विज्ञान में जिज्ञासा कई बार बेहद अनोखे सवालों से शुरू होती है।

ये पुरस्कार अलग-अलग वर्षों में रसायन, चिकित्सा, जीवविज्ञान, भौतिकी, अर्थशास्त्र और शांति जैसे क्षेत्रों में दिए जाते हैं। हालांकि इनका स्वरूप हल्का-फुल्का होता है, लेकिन इनमें शामिल शोध अक्सर वास्तविक वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित होते हैं।

2026 में किन शोधों को मिला सम्मान

रसायन पुरस्कार लियोनार्ड “लियो” चावास, रामास्वामी सुब्रमण्यम और नाथन काउसेन्स को मिला। उनका शोध प्रशांत बीटल कॉकरोच के दूध में मौजूद प्रोटीन क्रिस्टलों पर था। अध्ययन में पाया गया कि इस दूध में गाय के दूध की तुलना में तीन गुना से अधिक ऊर्जा होती है।

चिकित्सा पुरस्कार मरणोपरांत तोकुजी उनो को दिया गया, जो असाहिकावा मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। यह सम्मान 1977 के एक एयरोडायनामिक अध्ययन के लिए था, जिसमें यह समझने की कोशिश की गई थी कि लोग अपनी नाक कैसे साफ करते हैं। उनकी ओर से मिकी ताकाहारा ने पुरस्कार स्वीकार किया।

बायोमैकेनिक्स पुरस्कार ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की मटिल्डा ब्रिंडल और स्टुअर्ट वेस्ट, तथा फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की कैथरीन एफ. टैलबोट को मिला। उन्होंने चींटियों, पक्षियों, ध्रुवीय भालुओं और मनुष्यों के संदर्भ में “चुंबन” को वैज्ञानिक रूप से परिभाषित करने का प्रयास किया।

मिट्टी, अर्थशास्त्र और विवादों से जुड़े अध्ययन

सॉयल साइंस पुरस्कार ज्यूरिख विश्वविद्यालय और एग्रोस्कोप शोध संस्थान के वैज्ञानिकों को मिला। उनका “अंडरवियर ऐज एविडेंस” प्रोजेक्ट चर्चा में रहा, जिसमें मिट्टी की सेहत परखने के लिए 2,000 जोड़ी सूती अंडरवियर जमीन में दबाई गईं। यह तरीका जितना अजीब लगा, उतना ही यह मिट्टी में जैविक गतिविधि को समझने का एक संकेतक भी बना।

अर्थशास्त्र पुरस्कार पॉल पिफ, डैनियल स्टैंकेटो, स्टेफान कोटे, रोडोल्फो मेंडोज़ा-डेंटन और डैचर केल्टनर को मिला। उनका अध्ययन अधिक संपन्न लोगों में अनैतिक व्यवहार की प्रवृत्ति पर केंद्रित था। इसमें बच्चों के लिए रखी गई कैंडी से जुड़ा एक प्रयोग भी शामिल था।

जीवविज्ञान श्रेणी में जोआओ मिगुएल अल्वेस-नून्स के नेतृत्व वाली टीम को सम्मानित किया गया, जिसने विषैले सांपों पर पैर रखने और काटने की प्रतिक्रिया को समझने का प्रयास किया। बाद में यह भी सामने आया कि पशु अनुसंधान प्रोटोकॉल को लेकर चिंताओं के कारण यह अध्ययन वापस ले लिया गया था।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • इग नोबेल पुरस्कार Annals of Improbable Research से जुड़े हैं।
  • 2026 का समारोह ज्यूरिख कन्वेंशन सेंटर, स्विट्जरलैंड में हुआ।
  • 2026 के रसायन पुरस्कार से जुड़ा शोध Pacific beetle cockroach के दूध पर आधारित था।
  • इग नोबेल विजेताओं को सामान्यतः एक प्रतीकात्मक ट्रॉफी और एक मजेदार बैंकनोट दिया जाता है।

इग नोबेल पुरस्कार विज्ञान की उस दुनिया को सामने लाते हैं जहां असामान्य सवाल भी शोध का विषय बन सकते हैं। 2026 के विजेताओं ने एक बार फिर दिखाया कि कभी-कभी सबसे अजीब लगने वाले अध्ययन भी वैज्ञानिक जिज्ञासा को आगे बढ़ा सकते हैं।

Originally written on September 5, 2026 and last modified on September 5, 2026.

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