आरआईएनएल की भूमि नीलामी से सरकारी खजाने में ₹366 करोड़

आरआईएनएल की भूमि नीलामी से सरकारी खजाने में ₹366 करोड़

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने 12 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम में राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के भूखंडों की ई-नीलामी के पहले चरण से ₹366.33 करोड़ जुटाए। इस चरण में 150 भूखंडों की बोली लगी, जबकि उनका कुल आरक्षित मूल्य ₹312.48 करोड़ था।

आरक्षित मूल्य से 17.23 प्रतिशत अधिक बोली

पहले चरण में मिली बोलियां आरक्षित मूल्य से कुल ₹53.85 करोड़ अधिक रहीं। औसतन बोली आरक्षित मूल्य से 17.23 प्रतिशत ऊपर गई। विशाखापत्तनम के कुछ चुनिंदा स्थानों पर कीमत ₹1.80 लाख प्रति वर्ग गज से भी अधिक पहुंची। आरक्षित मूल्य वह न्यूनतम आधार होता है, जिसके ऊपर बोलीदाता संपत्ति खरीदने या पट्टे पर लेने के लिए प्रस्ताव देते हैं।

पूरी पहल में आरआईएनएल के 459 भूखंड शामिल हैं। इनमें एचबी कॉलोनी और मडिलापालेम के आवासीय भूखंड तथा ऑटो नगर और गाजुवाका के व्यावसायिक या आवासीय भूखंड हैं। शेष भूखंडों की नीलामी का दूसरा सत्र 16 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।

ई-नीलामी से सार्वजनिक संपत्तियों का मुद्रीकरण

नीलामी रेलटेल के ई-निविदा मंच के माध्यम से दो सत्रों में आयोजित की जा रही है। ई-नीलामी में बोलीदाता डिजिटल मंच पर अपनी पेशकश जमा करते हैं और उनका ऑनलाइन प्रसंस्करण होता है। नीलामी से पहले एनएलएमसी और आरआईएनएल ने सितंबर 2026 में विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और हैदराबाद में संभावित निवेशकों के लिए संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए थे।

भूमि मुद्रीकरण का अर्थ भूमि जैसी संपत्तियों से बिक्री या पट्टे के जरिए आर्थिक मूल्य प्राप्त करना है। वित्त मंत्रालय के अधीन एनएलएमसी, केंद्र सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। इसकी भूमिका सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की अतिरिक्त भूमि और गैर-मुख्य संपत्तियों के मुद्रीकरण को सुगम बनाना है।

नीलामी में भूमि शामिल, इस्पात संयंत्र नहीं

आरआईएनएल इस्पात क्षेत्र का केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है और विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र का संचालन करता है। मौजूदा नीलामी में आरआईएनएल के भूमि भूखंड शामिल हैं; इसका अर्थ इस्पात संयंत्र की बिक्री नहीं है। इस अंतर को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां उद्देश्य सार्वजनिक उपक्रम की अतिरिक्त संपत्तियों का बेहतर आर्थिक उपयोग करना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एनएलएमसी वित्त मंत्रालय के अधीन भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।
  • आरआईएनएल विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र का संचालन करता है और इस्पात क्षेत्र का सार्वजनिक उपक्रम है।
  • नीलामी की पहल में कुल 459 भूखंड हैं; पहले चरण में 150 भूखंडों की बोली लगी।
  • नीलामी रेलटेल के ई-निविदा मंच पर हो रही है और दूसरे सत्र की तारीख 16 अक्टूबर 2026 है।

पहले चरण में आरक्षित मूल्य से अधिक प्राप्त रकम सार्वजनिक भूमि के मुद्रीकरण की संभावनाओं को दर्शाती है। दूसरे सत्र से इस प्रक्रिया के अगले परिणाम सामने आएंगे।

Originally written on October 13, 2026 and last modified on October 13, 2026.

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