आईबीसीए शिखर सम्मेलन स्थगित
भारत ने नई दिल्ली में प्रस्तावित पहले अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन को स्थगित कर दिया है। यह सम्मेलन जून 2026 की शुरुआत में आयोजित होना था और इसे चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन के साथ जोड़ा गया था। दोनों बैठकों का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और भारत-अफ्रीका सहयोग को नई दिशा देना था। स्थगन का कारण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला वायरस से जुड़ी बदलती स्वास्थ्य स्थिति बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस का उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस एक बहुपक्षीय पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य दुनिया की बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण को मजबूत करना है। इसमें बाघ, सिंह, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा जैसी प्रजातियां शामिल हैं। इन प्रजातियों के आवासों की रक्षा, अवैध शिकार पर रोक, वैज्ञानिक शोध और सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग इस पहल के प्रमुख लक्ष्य हैं। भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अपनी भूमिका को मजबूत करते हुए इस मंच को आगे बढ़ाया है। देश में बाघ संरक्षण की सफलता और प्रोजेक्ट टाइगर जैसे अभियानों ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनाया है।
भारत-अफ्रीका सहयोग का महत्व
चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन भी इसी कार्यक्रम के साथ प्रस्तावित था। अफ्रीका के कई देश सिंह, चीता, तेंदुआ और अन्य बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं। भारत और अफ्रीकी देशों के बीच वन्यजीव प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इन बैठकों को साथ आयोजित करने का उद्देश्य संरक्षण प्रयासों को व्यापक कूटनीतिक सहयोग से जोड़ना था। हालांकि, स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम को आगे के लिए टाल दिया गया है।
इबोला वायरस और स्वास्थ्य चिंता
अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में इबोला वायरस से जुड़ी स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया। इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो तेज बुखार, कमजोरी और रक्तस्राव जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कई देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी होती है, इसलिए स्वास्थ्य जोखिमों का आकलन बेहद जरूरी हो जाता है। भारत ने यह निर्णय अफ्रीकी संघ और संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा करने के बाद लिया है। नई तारीखें भागीदार देशों और हितधारकों से चर्चा के बाद घोषित की जाएंगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की औपचारिक स्थापना 12 मार्च 2024 को हुई थी। ” आईबीसीए में 25 सदस्य देश और पांच पर्यवेक्षक देश शामिल हैं। ” बड़ी बिल्ली प्रजातियों में बाघ, सिंह, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा शामिल हैं। ” अफ्रीकी संघ का मुख्यालय इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में स्थित है। आईबीसीए शिखर सम्मेलन का स्थगन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला कदम है। इसके बावजूद भारत ने जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। नई तारीखों की घोषणा के बाद यह सम्मेलन वैश्विक संरक्षण सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।