अहमदाबाद से अंतरराष्ट्रीय हब-एंड-स्पोक उड़ानों की शुरुआत

अहमदाबाद से अंतरराष्ट्रीय हब-एंड-स्पोक उड़ानों की शुरुआत

भारत के नागरिक उड्डयन ढांचे में एक नई कड़ी जोड़ते हुए सardar वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, अहमदाबाद से अंतरराष्ट्रीय हब-एंड-स्पोक उड़ानों की शुरुआत की गई। 1 सितंबर 2026 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस सेवा का उद्घाटन किया। इसके साथ अहमदाबाद, मंत्रालय के हब-एंड-स्पोक ढांचे के तहत शामिल होने वाला देश का तीसरा हवाई अड्डा बन गया।

हब-एंड-स्पोक मॉडल क्या है

हब-एंड-स्पोक मॉडल विमानन नेटवर्क का ऐसा ढांचा है, जिसमें यात्री पहले एक केंद्रीय हब हवाई अड्डे तक पहुंचते हैं और वहां से आगे की उड़ानों से अपने गंतव्य तक जाते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग शहरों को एक बड़े ट्रांजिट केंद्र से जोड़कर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को आसान बनाना है। भारत में यह मॉडल पहले वाराणसी और अमृतसर में लागू किया जा चुका है।

वाराणसी में यह ढांचा 25 जून 2026 को और अमृतसर में 28 जुलाई 2026 को शुरू किया गया था। अहमदाबाद की शुरुआत के साथ यह नेटवर्क पश्चिम भारत में भी मजबूत हुआ है।

अहमदाबाद-Delhi कनेक्शन से यात्रियों को लाभ

अहमदाबाद लॉन्च को एयर इंडिया ने अपने “ईज़ी कनेक्ट” कार्यक्रम के जरिए operational किया है। इसके तहत अहमदाबाद-Delhi की दो दैनिक उड़ानों को इस सेवा के लिए चुना गया है—AI1121, जो 1 सितंबर 2026 से और AI1117, जो 2 सितंबर 2026 से शुरू हुई।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अहमदाबाद में ही कस्टम्स, इमिग्रेशन और बैगेज चेक-इन की प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलती है। इससे दिल्ली हब पर ट्रांजिट के दौरान इन औपचारिकताओं को दोहराने की जरूरत नहीं रहती।

क्यों अहम है यह पहल

यह मॉडल गुजरात के यात्रियों को दिल्ली के जरिए यूरोप, उत्तरी अमेरिका, मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे गंतव्यों से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। योजना के अनुसार, दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर आगे की कनेक्टिंग उड़ानें उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इससे यात्रा समय और ट्रांजिट जटिलता दोनों में कमी आने की उम्मीद है।

सरकार का लक्ष्य इस हब-एंड-स्पोक नेटवर्क को 22 और हवाई अड्डों तक बढ़ाने का है, जिनमें सूरत भी शामिल है। व्यापक अंतरराष्ट्रीय विमानन हब रणनीति के तहत जारी आकलनों में लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार तथा 2030 तक भारत की जीडीपी में 30 अरब अमेरिकी डॉलर जोड़ने का अनुमान जताया गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सardar वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गुजरात के अहमदाबाद में स्थित है।
  • भारत में हब-एंड-स्पोक ढांचा 2026 में पहले वाराणसी और अमृतसर में शुरू किया गया था।
  • अहमदाबाद-Delhi फीडर उड़ानों के लिए एयर इंडिया ने “ईज़ी कनेक्ट” नाम का उपयोग किया है।
  • इस मॉडल में कस्टम्स, इमिग्रेशन और बैगेज चेक-इन मूल हवाई अड्डे पर ही पूरे किए जाते हैं।

अहमदाबाद से शुरू हुई यह सेवा भारतीय विमानन नेटवर्क को अधिक संगठित और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्रीय हवाई अड्डों की भूमिका बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी भी और मजबूत होने की संभावना है।

Originally written on September 2, 2026 and last modified on September 2, 2026.

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