असम में इसरो का नया रडार केंद्र, अंतरिक्ष निगरानी को मिलेगी मजबूती

असम में इसरो का नया रडार केंद्र, अंतरिक्ष निगरानी को मिलेगी मजबूती

असम के चंद्रपुर, गुवाहाटी के पास, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एडवांस्ड रडार रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखी गई। यह केंद्र प्रोजेक्ट नेट्रा के तहत विकसित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य भारत की अंतरिक्ष वस्तु-ट्रैकिंग तथा निगरानी क्षमता को और मजबूत करना है।

प्रोजेक्ट नेट्रा क्या है

प्रोजेक्ट नेट्रा का पूरा नाम Network for Space Object Tracking and Analysis है। यह इसरो की वह पहल है जिसके तहत पृथ्वी की कक्षा में मौजूद उपग्रहों, निष्क्रिय उपग्रहों, मलबे और अन्य वस्तुओं की पहचान, ट्रैकिंग और विश्लेषण किया जाता है। इसके माध्यम से कक्षा निर्धारण और टकराव से बचाव के लिए जरूरी अलर्ट भी तैयार किए जाते हैं।

इसरो का स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस कंट्रोल सेंटर बेंगलुरु में है, जिसे 2020 में स्थापित किया गया था। यही केंद्र प्रोजेक्ट नेट्रा से जुड़ी गतिविधियों का समन्वय करता है और भारतीय अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा के लिए निगरानी तंत्र को संचालित करता है।

असम में बनने वाला केंद्र क्यों अहम है

चंद्रपुर में प्रस्तावित यह सुविधा भारत की रडार-आधारित ट्रैकिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए बनाई जा रही है। अंतरिक्ष में बढ़ती भीड़ के बीच छोटे-छोटे मलबे और निष्क्रिय उपग्रह भी सक्रिय मिशनों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। ऐसे में मजबूत रडार नेटवर्क किसी भी संभावित टकराव की पहले से पहचान करने में मदद करता है।

इस केंद्र से लगभग 10 सेंटीमीटर तक छोटे वस्तुओं को 2,000 किलोमीटर की दूरी तक ट्रैक करने की क्षमता विकसित होने की बात कही गई है। यह क्षमता संचार, नेविगेशन, पृथ्वी अवलोकन और वैज्ञानिक मिशनों में इस्तेमाल होने वाले उपग्रहों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

भूमि, निवेश और समयसीमा

इस परियोजना के लिए लगभग 67 एकड़ भूमि का उल्लेख किया गया है। एक भूमि रिकॉर्ड में 200 बीघा भूमि आवंटित होने की बात भी दर्ज है, जो लगभग 6.61 एकड़ के बराबर बताई गई है। परियोजना से करीब 1,000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान जुड़ा है और इसे लगभग एक वर्ष में पूरा करने की योजना है।

भूमि हस्तांतरण नवंबर 2023 में पूरा हुआ था और अंतिम पंजीकरण 7 नवंबर 2025 को संपन्न हुआ। इससे यह स्पष्ट होता है कि परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • प्रोजेक्ट नेट्रा का पूरा नाम Network for Space Object Tracking and Analysis है।
  • इसरो का Space Situational Awareness Control Centre बेंगलुरु में स्थित है और 2020 में स्थापित हुआ था।
  • स्पेस डेब्रिस में निष्क्रिय उपग्रह, खर्च हो चुके रॉकेट चरण और टकराव से बने टुकड़े शामिल होते हैं।
  • चंद्रपुर, गुवाहाटी के पास असम में स्थित है और यही इस नए रडार केंद्र का स्थान है।

अंतरिक्ष गतिविधियों के बढ़ते दायरे में ऐसे केंद्र भारत की तकनीकी तैयारी और सुरक्षा ढांचे को नई मजबूती देते हैं। यह परियोजना देश की स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस क्षमता को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

Originally written on September 21, 2026 and last modified on September 21, 2026.

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