अल्ट्राटेक की हरित ऊर्जा छलांग, सीमेंट उद्योग में नया मानक
अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने 5 अक्टूबर 2026 को भारत की पहली ऐसी सीमेंट कंपनी बनने का दर्जा हासिल किया, जिसकी कैप्टिव ग्रीन एनर्जी क्षमता 2 गीगावाट से अधिक हो गई है। कंपनी की कुल स्थापित हरित ऊर्जा क्षमता अब 2,024 मेगावाट पहुंच गई है, जिसमें 1,580 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 444 मेगावाट वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम से आती है।
कैप्टिव बिजली और हरित ऊर्जा का मतलब
कैप्टिव पावर का अर्थ है वह बिजली, जो कोई कंपनी अपनी ही जरूरतों के लिए खुद उत्पन्न करती है। यह व्यवस्था सीमेंट, स्टील और एल्युमिनियम जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों में आम है। हरित ऊर्जा क्षमता में पवन और सौर जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के साथ-साथ वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम भी शामिल होते हैं, जो औद्योगिक प्रक्रियाओं से निकलने वाली बेकार गर्मी को बिजली में बदलते हैं।
कंपनी के पोर्टफोलियो में क्या बदला
अल्ट्राटेक की 2,024 मेगावाट हरित ऊर्जा क्षमता में 1,580 मेगावाट नवीकरणीय स्रोतों से और 444 मेगावाट वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम से जुड़ी है। हाल ही में कंपनी ने राजस्थान के बाड़मेर स्थित अपने इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम से जुड़े विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट में 116.55 मेगावाट पवन क्षमता जोड़ी। इसके अलावा कर्नाटक के सरलानगर सीमेंट वर्क्स में 10 मेगावाट वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम क्षमता भी शुरू की गई।
उद्योग में ऊर्जा बदलाव का संकेत
कंपनी के पास भारत में 76 विनिर्माण इकाइयां हैं और वित्त वर्ष 2027 की अब तक की अवधि में इनमें से लगभग एक-तिहाई इकाइयों ने अपनी बिजली जरूरतों का 50% से अधिक हिस्सा हरित ऊर्जा से पूरा किया। पांच इकाइयों में यह उपयोग 95% से भी ऊपर रहा। मौजूदा समय में अल्ट्राटेक का हरित ऊर्जा पोर्टफोलियो उसकी कुल बिजली जरूरतों का लगभग 48% पूरा कर रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- 1 गीगावाट 1,000 मेगावाट के बराबर होता है।
- अल्ट्राटेक 2 गीगावाट से अधिक कैप्टिव ग्रीन एनर्जी क्षमता हासिल करने वाली पहली भारतीय सीमेंट कंपनी बनी है।
- वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम औद्योगिक अपशिष्ट गर्मी से बिजली बनाते हैं।
- RE100 एक वैश्विक कॉरपोरेट पहल है, जिसका लक्ष्य सदस्य कंपनियों द्वारा 100% नवीकरणीय बिजली उपयोग है।
भविष्य की दिशा और लक्ष्य
अल्ट्राटेक ने 2030 तक अपनी कुल बिजली संरचना में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी 85% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही RE100 प्रतिबद्धता के तहत कंपनी ने 2050 तक 100% नवीकरणीय बिजली उपयोग का संकल्प भी लिया है। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारी उद्योग भी ऊर्जा संक्रमण की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।