अर्जुन एरिगैसी फिर पहुंचे फिडे टॉप-10 में, जून 2026 रैंकिंग में भारत के एकमात्र खिलाड़ी
भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी ने जून 2026 की फिडे (FIDE) विश्व रैंकिंग में शानदार वापसी करते हुए शीर्ष 10 खिलाड़ियों में स्थान हासिल किया है। 2761 ईएलओ रेटिंग के साथ वह विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। नवीनतम फिडे सूची में अर्जुन एरिगैसी टॉप-10 में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं, जो भारतीय शतरंज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। फिडे द्वारा जारी की जाने वाली विश्व रैंकिंग शतरंज खिलाड़ियों के प्रदर्शन का प्रमुख पैमाना होती है। अर्जुन की यह उपलब्धि उनके लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मजबूत खेल का परिणाम है।
फिडे रेटिंग प्रणाली क्या है?
फिडे, अर्थात् फेडरेशन इंटरनेशनल डेस एचेक्स, विश्व शतरंज की सर्वोच्च शासी संस्था है। यह संगठन नियमित रूप से खिलाड़ियों की आधिकारिक रेटिंग और विश्व रैंकिंग जारी करता है। फिडे मानक (स्टैंडर्ड), रैपिड और ब्लिट्ज तीनों प्रारूपों के लिए अलग-अलग रेटिंग सूची प्रकाशित करता है। ईएलओ रेटिंग प्रणाली के माध्यम से खिलाड़ियों की ताकत का आकलन किया जाता है। किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन जितना बेहतर होता है, उसकी रेटिंग उतनी ही बढ़ती है और विश्व रैंकिंग में उसका स्थान सुधरता है।
हालिया टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन
अर्जुन एरिगैसी ने हाल के महीनों में कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने सुपर चेस क्लासिक रोमानिया, टेपे सिगेमन 2026 और सार्डिनिया वर्ल्ड चेस फेस्टिवल जैसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में भाग लिया। विशेष रूप से टेपे सिगेमन 2026 प्रतियोगिता में उन्होंने उत्कृष्ट खेल दिखाया और फाइनल मुकाबले तक पहुंचे। हालांकि टाईब्रेक में उन्हें विश्व के दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उपविजेता रहने से उनकी रेटिंग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई। इसी प्रदर्शन के कारण उन्होंने 10 रेटिंग अंक अर्जित किए और एक बार फिर फिडे टॉप-10 में जगह बनाई।
भारतीय खिलाड़ियों की स्थिति
जून 2026 की फिडे रैंकिंग में भारत के अन्य प्रमुख खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी चर्चा में रहा। मौजूदा विश्व शतरंज चैंपियन डी. गुकेश 19वें स्थान पर हैं, जबकि पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद 13वें स्थान पर मौजूद हैं। दोनों खिलाड़ी इस बार शीर्ष 10 में जगह बनाने से चूक गए। इसके बावजूद भारतीय शतरंज लगातार वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। युवा खिलाड़ियों की नई पीढ़ी विश्व रैंकिंग में लगातार आगे बढ़ रही है और भारत को शतरंज की महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रही है।
भारतीय शतरंज का बढ़ता प्रभाव
पिछले दो दशकों में भारतीय शतरंज ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2000 में विश्वनाथन आनंद के विश्व चैंपियन बनने के बाद देश में शतरंज की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। आज भारत के कई ग्रैंडमास्टर विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। अर्जुन एरिगैसी, डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानानंद और अन्य युवा खिलाड़ी भारतीय शतरंज के उज्ज्वल भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन खिलाड़ियों की सफलता से देश में शतरंज के प्रति रुचि और अधिक बढ़ रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- फिडे का पूरा नाम “फेडरेशन इंटरनेशनल डेस एचेक्स” है।
- अर्जुन एरिगैसी दिसंबर 2024 में 2800 ईएलओ रेटिंग का आंकड़ा पार करने वाले विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरे भारतीय बने थे।
- अर्जुन एरिगैसी की सर्वोच्च ईएलओ रेटिंग 2801 रही, जो दिसंबर 2024 में दर्ज की गई थी।
- मैग्नस कार्लसन शतरंज इतिहास के सबसे सफल और सर्वाधिक रेटिंग प्राप्त खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
अर्जुन एरिगैसी का फिडे टॉप-10 में लौटना भारतीय शतरंज के लिए गर्व का विषय है। उनकी निरंतर प्रगति यह दर्शाती है कि भारत के युवा खिलाड़ी विश्व स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता रखते हैं। आने वाले वर्षों में उनसे और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, जिससे भारतीय शतरंज को नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं।