अमेरिकी सीनेट ने ईरान पर ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव आगे बढ़ाया
संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट ने 19 मई 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान से जुड़े सैन्य अधिकारों को सीमित करने वाले प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। प्रक्रियात्मक मतदान में प्रस्ताव को 50-47 मतों से समर्थन मिला। इससे पहले ऐसे सात प्रयास असफल हो चुके थे। यह कदम अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर कांग्रेस की भूमिका और संवैधानिक अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है वॉर पॉवर्स रिजोल्यूशन
वॉर पॉवर्स रिजोल्यूशन अमेरिका का एक संघीय कानून है, जिसे 1973 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों पर नियंत्रण रखना और कांग्रेस की भूमिका सुनिश्चित करना है। इस कानून के अनुसार राष्ट्रपति को अमेरिकी सशस्त्र बलों को किसी संघर्ष में भेजने से पहले कांग्रेस से परामर्श करना होता है। यदि कांग्रेस सैन्य कार्रवाई को मंजूरी नहीं देती, तो निश्चित समय सीमा के भीतर सेना को वापस बुलाना आवश्यक होता है। यह कानून वियतनाम युद्ध के बाद राष्ट्रपति की युद्ध संबंधी शक्तियों को सीमित करने के उद्देश्य से बनाया गया था।
ईरान संबंधी प्रस्ताव की मुख्य बातें
यह प्रस्ताव वर्जीनिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि कांग्रेस युद्ध की घोषणा या सैन्य बल प्रयोग की विशेष अनुमति नहीं देती, तो राष्ट्रपति को ईरान में या उसके खिलाफ चल रही सैन्य गतिविधियों से अमेरिकी सशस्त्र बलों को हटाना होगा। प्रस्ताव का उद्देश्य ईरान के साथ चल रहे संघर्ष की अवधि, लागत और संवैधानिक वैधता पर कांग्रेस की निगरानी सुनिश्चित करना है।
सीनेट में मतदान का स्वरूप
इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के पक्ष में अधिकांश डेमोक्रेटिक सांसदों के साथ चार रिपब्लिकन सीनेटरों ने भी मतदान किया। इनमें मेन की सुसान कॉलिन्स, अलास्का की लिसा मुर्कोव्स्की, केंटकी के रैंड पॉल और लुइसियाना के बिल कैसिडी शामिल रहे। वहीं पेनसिल्वेनिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेटरमैन ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया। टेक्सास के जॉन कॉर्निन, अलबामा के टॉमी ट्यूबरविल और नॉर्थ कैरोलिना के थॉम टिलिस मतदान में शामिल नहीं हुए।
आगे की प्रक्रिया और संभावित चुनौतियां
यह प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से पारित नहीं हुआ है। इसे सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों से मंजूरी मिलना बाकी है। यदि दोनों सदनों से पारित हो जाता है, तब भी राष्ट्रपति इसके खिलाफ वीटो का उपयोग कर सकते हैं। ईरान से जुड़ा संघर्ष फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था। इसके बाद से अमेरिका में सैन्य कार्रवाई और कांग्रेस की अनुमति को लेकर बहस तेज हो गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” अमेरिकी सीनेट में कुल 100 सदस्य होते हैं। ” वॉर पॉवर्स रिजोल्यूशन 1973 में पारित किया गया था। ” युद्ध की औपचारिक घोषणा अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद-1 के तहत कांग्रेस का अधिकार है। ” टिम केन 2013 से वर्जीनिया से अमेरिकी सीनेटर हैं। अमेरिकी सीनेट में इस प्रस्ताव की प्रगति राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच युद्ध संबंधी शक्तियों को लेकर चल रही बहस को फिर से प्रमुख बना रही है। आने वाले समय में यह प्रस्ताव अमेरिका की विदेश और रक्षा नीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।