अमेरिका में आठ कंपनियों की PERM प्रक्रिया पर रोक
अमेरिकी सरकार ने 8 अक्टूबर 2026 को आठ प्रौद्योगिकी और आउटसोर्सिंग कंपनियों से जुड़ी नई तथा लंबित स्थायी श्रम प्रमाणन अर्जियों पर रोक लगा दी। सूची में कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), विप्रो, एचसीएल, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी शामिल हैं। श्रम विभाग की यह कार्रवाई रोजगार-आधारित स्थायी निवास की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, हालांकि इससे कंपनियों के कर्मचारियों के मौजूदा एच-1बी वीजा अपने-आप रद्द नहीं होते।
रोक का दायरा और कंपनियों पर असर
अमेरिकी श्रम विभाग अब इन कंपनियों से संबंधित नई PERM अर्जियां स्वीकार नहीं करेगा और उनकी लंबित अर्जियों पर भी कार्रवाई नहीं करेगा। सरकार ने निलंबन की कोई निश्चित अंतिम तारीख घोषित नहीं की है। इसलिए प्रभावित आवेदनों का आगे का रास्ता इस बात पर निर्भर करेगा कि विभाग रोक की समीक्षा कब और किस आधार पर करता है।
यह कदम स्थायी निवास की पूरी प्रक्रिया पर एक समान प्रतिबंध नहीं है। कार्रवाई का दायरा नामित कंपनियों से जुड़ी PERM अर्जियों तक सीमित बताया गया है। पहले से स्वीकृत PERM प्रमाणन या नियोक्ता की ओर से दायर I-140 याचिका इस फैसले से स्वतः निरस्त नहीं होती।
PERM प्रमाणन क्यों जरूरी है?
PERM का पूरा नाम प्रोग्राम इलेक्ट्रॉनिक रिव्यू मैनेजमेंट है। अमेरिकी श्रम विभाग की यह प्रक्रिया रोजगार-आधारित स्थायी निवास के कई मामलों में जरूरी श्रम प्रमाणन से जुड़ी है। आम तौर पर नियोक्ता को यह दिखाना होता है कि संबंधित पद के लिए पर्याप्त योग्य और उपलब्ध अमेरिकी कर्मचारी नहीं हैं। उसे यह भी प्रमाणित करना होता है कि विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से समान काम कर रहे अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और कार्यस्थितियों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
प्रमाणन मिलने के बाद, लागू श्रेणियों में नियोक्ता विदेशी कर्मचारी के लिए I-140 आव्रजन याचिका दायर कर सकता है। यह स्थायी निवास की प्रक्रिया का एक चरण है; PERM प्रमाणन स्वयं स्थायी निवास का दर्जा नहीं देता।
कार्रवाई के पीछे बताए गए कारण
श्रम सचिव कीथ सोंडरलिंग ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ इस कदम की घोषणा की। प्रशासन ने वीजा व्यवस्था के कथित दुरुपयोग, धोखाधड़ी और अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार पर असर को कार्रवाई का आधार बताया। सोंडरलिंग के अनुसार, इन कंपनियों ने 2009 से अब तक सामूहिक रूप से लगभग 30 लाख विदेशी कर्मचारियों की मांग की, उन्हें 2,30,000 से अधिक एच-1बी वीजा मंजूर हुए और 1,00,000 से अधिक श्रम प्रमाणन मिले। ये आंकड़े प्रशासन की ओर से दिए गए हैं।
वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट पर व्यवस्था के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने 2025 में कंपनी में हुई 6,000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी के साथ 6,000 से अधिक एच-1बी वीजा मंजूरियों और 3,682 PERM अर्जियों का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इनमें लगभग 1,000 अर्जियां उन पदों से जुड़ी थीं जिन पर कर्मचारियों की छंटनी हुई थी। माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी के संबंध में कई सक्रिय संघीय जांचों का भी उल्लेख किया गया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- PERM का पूरा नाम प्रोग्राम इलेक्ट्रॉनिक रिव्यू मैनेजमेंट है।
- PERM श्रम प्रमाणन प्रक्रिया का संचालन अमेरिकी श्रम विभाग करता है।
- एच-1बी वीजा अमेरिका में विशेष योग्यता वाले रोजगार के लिए अस्थायी, गैर-आप्रवासी श्रेणी है।
- I-140 नियोक्ता द्वारा विदेशी कर्मचारी के लिए दायर की जाने वाली आव्रजन याचिका है।
एच-1बी और स्थायी निवास में अंतर
एच-1बी वीजा अस्थायी रोजगार की अनुमति देता है, जबकि स्थायी निवास अलग आव्रजन प्रक्रिया से मिलता है। घोषित रोक से इन कंपनियों के कर्मचारियों के पहले से जारी एच-1बी वीजा रद्द नहीं होते और न ही पहले स्वीकृत PERM प्रमाणन या I-140 याचिकाएं स्वतः वापस ली जाती हैं।
यह फैसला अमेरिकी कंपनियों की विदेशी प्रतिभा नियुक्त करने की प्रक्रिया पर जांच और अनुपालन के दबाव को बढ़ाता है। आगे की स्थिति निलंबन की अवधि और विभाग की समीक्षा पर निर्भर करेगी।