न्यूजीलैंड के विशाल कीट वेटापुंगा को संरक्षण से मिली नई उड़ान

न्यूजीलैंड के विशाल कीट वेटापुंगा को संरक्षण से मिली नई उड़ान

न्यूजीलैंड में 15 वर्षों तक चले संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के तहत लगभग 11,000 वेटापुंगा कीटों को प्राकृतिक आवासों में छोड़ा गया है। वेटापुंगा न्यूजीलैंड का सबसे भारी कीट है और दुनिया के सबसे भारी कीटों में भी शामिल है। इस पहल से कुछ द्वीपों पर ऐसी आबादियां स्थापित हुई हैं, जो अब मानवीय हस्तक्षेप के बिना भी आगे बढ़ रही हैं।

कैद में प्रजनन से प्राकृतिक आवास तक

वेटापुंगा एक विशाल वेटा कीट है, जो न्यूजीलैंड का मूल निवासी है। इसका वैज्ञानिक नाम Deinacrida heteracantha है। इसकी आबादी बढ़ाने के लिए नियंत्रित परिस्थितियों में प्रजनन कराया गया और फिर चुने हुए स्थलों पर कीटों को स्थानांतरित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व बटरफ्लाई क्रीक और ऑकलैंड चिड़ियाघर ने किया, जबकि न्यूजीलैंड के संरक्षण विभाग ने सहयोग दिया।

कार्यक्रम के दौरान ऑकलैंड के उत्तर में 10 स्थलों पर कुल 45 बार स्थानांतरण किया गया। इनमें आठ ऐसे द्वीप शामिल थे जहां बाहरी शिकारी नहीं हैं, जबकि दो स्थल मुख्य भूमि के संरक्षित क्षेत्र थे। किसी जीव को जानबूझकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर वहां उसकी आबादी स्थापित करना या पहले से मौजूद आबादी को मजबूत करना स्थानांतरण कहलाता है।

कुछ द्वीपों पर अपने दम पर बढ़ रही आबादी

मोटुओरा और तिरितिरी मातांगी द्वीपों पर वेटापुंगा की आत्मनिर्भर आबादियां स्थापित हुई हैं। इन दोनों द्वीपों पर कम-से-कम चार से पांच पीढ़ियां जंगल में पैदा हो चुकी हैं और इसके लिए लगातार मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पड़ी। यह परिणाम बताता है कि संरक्षण प्रजनन के साथ उपयुक्त स्थलों पर नियोजित स्थानांतरण से जीवों की प्राकृतिक आबादी को फिर से मजबूत किया जा सकता है।

इस कार्यक्रम के नतीजे 2 अक्टूबर 2026 को न्यूजीलैंड जर्नल ऑफ जूलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में प्रस्तुत किए गए। रिपोर्ट के सह-लेखक क्रिस ग्रीन न्यूजीलैंड के संरक्षण विभाग से जुड़े मानद शोधकर्ता हैं। वेटापुंगा के संरक्षण में विकसित तरीकों से माहोएनुई विशाल वेटा और न्यूजीलैंड के स्थानीय स्टैग बीटल के संरक्षण कार्यों को भी दिशा मिल रही है।

संरक्षण स्थिति में सुधार का संकेत

वेटापुंगा की संरक्षण श्रेणी में भी बदलाव दर्ज हुआ है। वर्ष 2004 में इसे “राष्ट्रीय स्तर पर संकटग्रस्त” माना गया था, जबकि 2022 में इसकी स्थिति “राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती हुई” के रूप में दर्ज की गई। यह बदलाव संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक नतीजों का संकेत देता है, हालांकि प्रजाति के प्रबंधन और निगरानी का महत्व बना हुआ है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वेटापुंगा का वैज्ञानिक नाम Deinacrida heteracantha है।
  • यह न्यूजीलैंड का सबसे भारी कीट है और विशाल वेटा समूह से संबंधित है।
  • बटरफ्लाई क्रीक और ऑकलैंड चिड़ियाघर ने प्रजनन कार्यक्रम का नेतृत्व किया; न्यूजीलैंड के संरक्षण विभाग ने सहयोग दिया।
  • मोटुओरा और तिरितिरी मातांगी द्वीपों पर वेटापुंगा की कम-से-कम चार से पांच जंगली पीढ़ियां दर्ज हुई हैं।

लगभग 11,000 कीटों का पुनर्वास और द्वीपों पर स्थिर होती आबादी दिखाती है कि दीर्घकालीन, योजनाबद्ध संरक्षण किसी स्थानिक प्रजाति के भविष्य को बदल सकता है।

Originally written on October 9, 2026 and last modified on October 9, 2026.

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