NHAI का OneTag: FASTag बदलने की झंझट खत्म, बैंक पोर्टेबिलिटी आसान

NHAI का OneTag: FASTag बदलने की झंझट खत्म, बैंक पोर्टेबिलिटी आसान

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजमार्गयात्रा ऐप पर OneTag सेवा शुरू की है, जिसके जरिए FASTag उपयोगकर्ता वाहन पर लगे मौजूदा टैग को बदले बिना अपना जारी करने वाला बैंक बदल सकेंगे। यह सुविधा FASTag पोर्टेबिलिटी को आसान बनाती है और उपयोगकर्ताओं को अधिक विकल्प, सुविधा और बेहतर खाता प्रबंधन का रास्ता देती है।

FASTag पोर्टेबिलिटी से क्या बदलेगा

अब तक FASTag से जुड़े बैंक या वॉलेट को बदलने के लिए कई बार टैग बदलने जैसी प्रक्रिया की जरूरत महसूस होती थी। OneTag के आने के बाद वाहन पर लगा FASTag ID वही रहेगा, लेकिन उसका issuer bank बदला जा सकेगा। यानी टैग की भौतिक स्टिकर को हटाने या नई स्टिकर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

यह सेवा खास तौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी है जो बैंक सेवा, वॉलेट प्रबंधन या KYC प्रक्रिया के आधार पर अपने विकल्प बदलना चाहते हैं। NHAI के अनुसार यह कदम FASTag सिस्टम को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और पोर्टेबल बनाने की दिशा में है।

राजमार्गयात्रा ऐप पर कैसे काम करेगी सेवा

OneTag सेवा का उपयोग राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए किया जाएगा। उपयोगकर्ता को पहले वाहन पंजीकरण संख्या दर्ज करनी होगी, जिसके बाद पात्रता की जांच होगी। सत्यापन के लिए मौजूदा बैंक की ओर से छह अंकों का मोबाइल वेरिफिकेशन कोड भेजा जाएगा। इसके बाद उपयोगकर्ता नया issuer चुनकर KYC और वॉलेट ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करेगा।

पोर्टेबिलिटी सफल होने पर पुराना वॉलेट बंद कर दिया जाएगा और उसमें बची राशि उपयोगकर्ता को वापस कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया में वाहन से जुड़ा FASTag पहचान नंबर अपरिवर्तित रहता है, जिससे टोल भुगतान की निरंतरता बनी रहती है।

क्यों अहम है यह पहल

OneTag को NHAI, भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मिलकर विकसित किया है। IHMCL, NHAI की प्रमोटेड संस्था है, जबकि NPCI देश के डिजिटल भुगतान ढांचे का प्रमुख संगठन है।

यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि FASTag देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन का मुख्य माध्यम बन चुका है। RFID तकनीक पर आधारित यह सिस्टम टोल प्लाजा पर स्वचालित भुगतान की सुविधा देता है और टोल प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी तथा कम भीड़भाड़ वाला बनाता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • FASTag RFID आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है।
  • NHAI, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करता है।
  • NPCI भारत में रिटेल डिजिटल पेमेंट सिस्टम की प्रमुख संस्था है।
  • इंटरऑपरेबल FASTag की दोबारा पोर्टेबिलिटी से पहले छह महीने का कूलिंग पीरियड लागू होता है।

OneTag के जरिए FASTag इकोसिस्टम में उपभोक्ता सुविधा और डिजिटल लचीलापन दोनों बढ़ने की उम्मीद है। यह कदम भारत के सड़क परिवहन और डिजिटल भुगतान ढांचे के आपसी तालमेल को और मजबूत करता है।

Originally written on September 18, 2026 and last modified on September 18, 2026.

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