15 वर्षीय युगन सक्थिवेल ने ट्रैप शूटिंग में भारत को दिलाया स्वर्ण
भारत के युवा निशानेबाज युगन सक्थिवेल मुथुकुमार ने इटली के पोर्तो में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप शॉटगन 2026 में पुरुष ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। 15 वर्षीय युगन ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 27 हिट्स के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया और इस प्रतियोगिता में भारत के लिए पहला पदक भी दिलाया।
क्वालिफिकेशन से फाइनल तक का सफर
युगन ने क्वालिफिकेशन राउंड में 125 में से 114 अंक हासिल कर छठा स्थान पाया था। इसके बाद उन्होंने शूट-ऑफ में जगह पक्की की और फाइनल में पहुंचकर दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया। ट्रैप इवेंट में फाइनल तक पहुंचना ही बड़ी उपलब्धि माना जाता है, क्योंकि इसमें लगातार सटीकता और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है।
ट्रैप शूटिंग क्या होती है
ट्रैप शॉटगन शूटिंग की एक प्रमुख स्पर्धा है, जिसमें निशानेबाजों को ट्रैप हाउस से अलग-अलग कोणों पर छोड़े गए क्ले टारगेट्स पर फायर करना होता है। आईएसएसएफ प्रतियोगिताओं में पुरुष ट्रैप इवेंट का प्रारूप क्वालिफिकेशन और फाइनल, दोनों चरणों पर आधारित होता है। क्वालिफिकेशन में तय संख्या में टारगेट्स पर निशाना लगाया जाता है, जबकि फाइनल में सर्वाधिक हिट्स के आधार पर पदक तय होते हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है यह उपलब्धि
जूनियर स्तर पर इस तरह की जीत भारतीय शूटिंग की गहराई और नई प्रतिभाओं की मजबूती को दिखाती है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में राइफल, पिस्टल और शॉटगन, तीनों ही वर्गों में युवा निशानेबाज तैयार किए हैं। ऐसे में युगन का स्वर्ण पदक भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आईएसएसएफ का पूरा नाम International Shooting Sport Federation है, जो ओलंपिक शैली की शूटिंग का वैश्विक शासी निकाय है।
- ट्रैप शूटिंग में क्ले टारगेट्स एक ही ट्रैप हाउस से अलग-अलग दिशाओं में छोड़े जाते हैं।
- पुरुष ट्रैप फाइनल में आमतौर पर आठ निशानेबाज हिस्सा लेते हैं।
- आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप जैसी प्रतियोगिताएं आयु-समूह स्तर के खिलाड़ियों के लिए आयोजित की जाती हैं।
युगन का यह प्रदर्शन भारतीय शूटिंग के लिए उत्साहजनक है और जूनियर स्तर पर देश की प्रतिस्पर्धी क्षमता को मजबूत करता है।