हीलियम को अमेरिकी महत्वपूर्ण सामग्री सूची में जगह

हीलियम को अमेरिकी महत्वपूर्ण सामग्री सूची में जगह

अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने 23 अक्टूबर 2026 को हीलियम को 2020 के ऊर्जा अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण सामग्री घोषित किया। इसके साथ ही हीलियम अमेरिकी ऊर्जा विभाग की इस सूची में शामिल 20वीं सामग्री बन गया। इस दर्जे से घरेलू उत्पादकों को अतिरिक्त संघीय सहायता मिलने का रास्ता खुल सकता है और सरकार इसकी आपूर्ति पर अधिक निगरानी रखेगी।

महत्वपूर्ण सामग्री का दर्जा क्यों मिला?

अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, हीलियम देश के विनिर्माण क्षेत्र के लिए जरूरी है और इसकी आपूर्ति शृंखला जोखिमों का सामना कर रही है। अर्धचालक निर्माण में इसकी अहम भूमिका इस फैसले का प्रमुख कारण है। हीलियम के कई औद्योगिक उपयोगों के लिए व्यवहार्य विकल्प उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इसकी कमी से उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

2020 का ऊर्जा अधिनियम महत्वपूर्ण सामग्री की पहचान के लिए कानूनी आधार देता है। सूची में इससे पहले 2025 में धातुकर्मीय कोयला शामिल किया गया था। हीलियम के अलावा फ्लोरीन इस सूची में दर्ज दूसरी गैस है। यह कदम विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता घटाने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के अमेरिकी प्रयासों का हिस्सा है।

हीलियम की विशेषताएँ और उपलब्धता

हीलियम रंगहीन, गंधहीन और अज्वलनशील उत्कृष्ट गैस है। इसका रासायनिक संकेत He और परमाणु क्रमांक 2 है। आवर्त सारणी में यह समूह 18 में आता है और हाइड्रोजन के बाद दूसरा सबसे हल्का तत्व है। सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर इसका क्वथनांक लगभग −268.9 डिग्री सेल्सियस होता है, जो सभी तत्वों में सबसे कम है।

पृथ्वी पर अधिकांश हीलियम चट्टानों में यूरेनियम और थोरियम के रेडियोधर्मी क्षय से बनता है। यह भूमिगत प्राकृतिक गैस के भंडारों में जमा हो सकता है और गैस प्रसंस्करण के दौरान निकाला जाता है। अमेरिका के पास हीलियम-समृद्ध प्राकृतिक गैस संसाधन हैं, लेकिन शोधन क्षमता सीमित है। अनुमति मिलने में लगने वाला लंबा समय भी घरेलू उत्पादन बढ़ाने में बाधा बनता है।

उद्योग और आपूर्ति शृंखला में भूमिका

हीलियम का उपयोग अर्धचालक निर्माण, चिकित्सा इमेजिंग, वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष अभियानों में होता है। चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग यानी एमआरआई मशीनों में इस्तेमाल होने वाले अतिचालक चुंबकों को ठंडा रखने के लिए तरल हीलियम जरूरी है। पवन, सौर और परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में भी इसके उपयोग हैं।

वैश्विक स्तर पर हीलियम की मांग उत्पादन से तेज बढ़ रही है। भू-राजनीतिक तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने का जोखिम और रूस के निर्यात नियंत्रण इसकी आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सीमित शोधन क्षमता के साथ बढ़ती मांग हीलियम को आपूर्ति-सुरक्षा से जुड़ा अहम विषय बनाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • हीलियम का रासायनिक संकेत He और परमाणु क्रमांक 2 है।
  • हीलियम आवर्त सारणी के समूह 18 की उत्कृष्ट गैस है।
  • एमआरआई प्रणालियों में अतिचालक चुंबकों को ठंडा करने के लिए तरल हीलियम का उपयोग होता है।
  • अमेरिकी ऊर्जा विभाग की महत्वपूर्ण सामग्री सूची में हीलियम के अलावा फ्लोरीन भी गैस के रूप में शामिल है।

हीलियम का नया दर्जा दर्शाता है कि उन्नत विनिर्माण और चिकित्सा तकनीकों के लिए जरूरी गैसों की स्थिर आपूर्ति भी अब ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Originally written on October 24, 2026 and last modified on October 24, 2026.

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