सिताराम राउल की तस्वीर ने वन्यजीव फोटोग्राफी में भारत को दिलाई पहचान
भारतीय वन्यजीव और मैक्रो फोटोग्राफर सिताराम राउल ने 2026 के ‘वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ द ईयर’ पुरस्कार में ‘अकशेरुकी जीवों का व्यवहार’ श्रेणी का सम्मान जीता है। उनकी तस्वीर ‘शिफ्टिंग सैंड’ में राजस्थान के थार मरुस्थल में सूर्योदय से पहले रेत में बिल बनाता भारतीय बुथाकस बिच्छू दिखाई देता है।
थार की रेत में दर्ज हुआ बिच्छू का व्यवहार
राउल ने यह तस्वीर राजस्थान के सम गांव के पास खींची। इसमें बिच्छू तेज गर्मी से बचने के लिए रेत में बिल खोदता नजर आता है। भारतीय बुथाकस बिच्छू अपने पंजों की मदद से खुदाई करता है। उसके पैरों पर मौजूद कठोर, लंबे बालों जैसी संरचनाएं—जिन्हें सैंड कॉम्ब कहा जाता है—उसे रेत के टीलों पर चलते समय धंसने से बचाने में मदद करती हैं।
तस्वीर में एक छोटे जीव के व्यवहार और उसके पर्यावरण के साथ तालमेल को बारीकी से दर्ज किया गया है। मैक्रो फोटोग्राफी में छोटे विषयों को बहुत पास से कैमरे में उतारा जाता है, इसलिए यह कीटों और अन्य अकशेरुकी जीवों के सूक्ष्म विवरण दिखाने के लिए उपयोगी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय फोटोग्राफर की उपलब्धि
‘वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ द ईयर’ प्रतियोगिता का आयोजन लंदन का प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय करता है। वन्यजीव फोटोग्राफी की दुनिया में इसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच माना जाता है। 2026 में प्रतियोगिता के लिए दुनिया भर से 65,000 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।
राउल महाराष्ट्र के बदलापुर में रहते हैं और उन्हें वन्यजीव तथा मैक्रो फोटोग्राफी का लगभग 14 वर्षों का अनुभव है। वर्ष 2025 में उनकी ‘नेचर रिक्लेम्स इट्स स्पेस’ तस्वीर को इसी प्रतियोगिता की ‘शहरी वन्यजीव’ श्रेणी में विशेष प्रशंसा मिली थी। उस तस्वीर में महाराष्ट्र के फलाहारी चमगादड़ दिखाए गए थे।
2026 के अन्य प्रमुख परिणाम
2026 का समग्र पुरस्कार इटली के फोटोग्राफर फेडेरिको वेरोनेसी ने जीता। उनकी तस्वीर ‘द आफ्टरमैथ’ में एक हाथी अपने मृत शावक को ले जाता दिखाई देता है। वर्ष के विजेता चित्रों की प्रदर्शनी 16 अक्टूबर 2026 को लंदन के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय में शुरू हुई।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
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- ‘वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ द ईयर’ प्रतियोगिता लंदन का प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय आयोजित करता है।
- 2026 की प्रतियोगिता में दुनिया भर से 65,000 से अधिक प्रविष्टियां आईं।
- सिताराम राउल ने ‘शिफ्टिंग सैंड’ के लिए ‘अकशेरुकी जीवों का व्यवहार’ श्रेणी जीती।
- 2026 का समग्र पुरस्कार इटली के फेडेरिको वेरोनेसी को ‘द आफ्टरमैथ’ तस्वीर के लिए मिला।
राउल की उपलब्धि वन्यजीव फोटोग्राफी में सूक्ष्म जीवों और उनके व्यवहार को सामने लाने के महत्व को रेखांकित करती है।