श्रीलंका में भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण दौरा, समुद्री सहयोग को बल
भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन 26 अक्टूबर 2026 को तीन दिवसीय सद्भावना यात्रा पर श्रीलंका पहुँचा। यह दौरा 28 अक्टूबर तक चलेगा और हिंद महासागर क्षेत्र में जारी लंबी प्रशिक्षण तैनाती का हिस्सा है। इसमें भारतीय नौसेना के पोत तीर और सुजाता तथा भारतीय तटरक्षक पोत सारथि शामिल हैं।
प्रशिक्षण तैनाती और स्क्वाड्रन की संरचना
प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी और आईएनएस तीर के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन टीजो के. जोसेफ इस पोर्ट कॉल का नेतृत्व कर रहे हैं। भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना के अधिकारी प्रशिक्षु इस तैनाती के दौरान पेशेवर, प्रशिक्षण तथा खेल गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। श्रीलंका नौसेना के पाँच अधिकारी प्रशिक्षु भी स्क्वाड्रन के साथ लंबी दूरी की इस तैनाती में शामिल हैं। यह भागीदारी दोनों देशों के बीच नौसैनिक प्रशिक्षण के आदान-प्रदान का हिस्सा है।
स्क्वाड्रन में भारतीय तटरक्षक पोत सारथि की मौजूदगी भी उल्लेखनीय है। भारतीय तटरक्षक बल समुद्री सुरक्षा और खोज एवं बचाव जैसे कार्यों में भारतीय नौसेना के साथ काम करता है। श्रीलंका पहुँचने से पहले स्क्वाड्रन ने 12 से 15 अक्टूबर के बीच सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया और 21 अक्टूबर को मालदीव की राजधानी माले में पड़ाव किया था।
श्रीलंका में प्रशिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियाँ
यात्रा के दौरान भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के अधिकारी प्रशिक्षुओं के बीच पेशेवर संवाद, प्रशिक्षण और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियाँ होंगी। कार्यक्रम में त्रिंकोमाली स्थित नौसेना एवं समुद्री अकादमी का पारस्परिक दौरा भी शामिल है। यह श्रीलंका नौसेना का प्रशिक्षण संस्थान है। ऐसे संवाद से दोनों पक्षों को प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और कार्यपद्धतियों से परिचित होने का अवसर मिलता है।
27 अक्टूबर को कोलंबो के गॉल फेस ग्रीन में दोनों देशों की नौसेनाओं के बैंड संयुक्त प्रस्तुति देंगे। यात्रा का उद्देश्य प्रशिक्षण और पेशेवर संपर्कों के माध्यम से द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को मजबूत करना है।
नियमित संपर्कों से बढ़ता समुद्री सहयोग
भारत और श्रीलंका की नौसेनाएँ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास और बंदरगाह यात्राओं के जरिए नियमित संपर्क बनाए रखती हैं। एसएलआईएनईएक्स-26 का 13वाँ संस्करण 17 से 21 सितंबर 2026 तक विशाखापत्तनम के तट पर आयोजित हुआ था। इसमें समन्वित समुद्री गतिविधियों और हवाई अभियानों को शामिल किया गया। इससे पहले भारतीय नौसेना के आईएनएस शारदा ने 13 जून 2026 को कोलंबो की यात्रा पूरी की थी। उस दौरान पेशेवर, प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों के साथ श्रीलंकाई नौसेना कर्मियों के लिए क्षमता-विकास पहलें भी हुई थीं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आईएनएस तीर भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन का हिस्सा है।
- त्रिंकोमाली श्रीलंका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित बंदरगाह शहर है।
- एसएलआईएनईएक्स भारतीय नौसेना और श्रीलंका नौसेना का द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है।
- पोर्ट विक्टोरिया सेशेल्स का प्रमुख बंदरगाह है, जबकि माले मालदीव की राजधानी है।
प्रशिक्षण यात्राएँ, साझा अभ्यास और अधिकारी प्रशिक्षुओं का आदान-प्रदान भारत-श्रीलंका समुद्री संबंधों को व्यावहारिक स्तर पर आगे बढ़ाते हैं।