शेफ दामू के निधन से तमिल पाक-कला जगत को क्षति
पद्मश्री से सम्मानित शेफ के. दामोदरन, जिन्हें शेफ दामू के नाम से जाना जाता था, का 25 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। तमिलनाडु के पारंपरिक व्यंजनों, पाक-कला शिक्षा और स्कूली भोजन कार्यक्रमों में उनके योगदान ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।
शिक्षा और पाक-कला शिक्षा में योगदान
3 सितंबर 1954 को तमिलनाडु में जन्मे दामोदरन ने चेन्नई के होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रौद्योगिकी संस्थान से डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक और मद्रास विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। वर्ष 2004 में मद्रास विश्वविद्यालय से होटल प्रबंधन एवं खानपान प्रौद्योगिकी में पीएचडी हासिल कर वे यह उपाधि पाने वाले पहले भारतीय शेफ बने।
उन्होंने 1986 में अध्यापन शुरू किया और चेन्नई के तीन होटल प्रबंधन संस्थानों का नेतृत्व किया। इनमें आसन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, एमजीआर इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी तथा एम्पी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी शामिल थे। उन्होंने राज टीवी, पोथिगई, जया टीवी और विजय टीवी पर पाक-कला कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
तमिल व्यंजनों और रिकॉर्ड उपलब्धियों की पहचान
शेफ दामू को तमिलनाडु के क्षेत्रीय भोजन, विशेष रूप से चेट्टीनाड व्यंजनों के लिए जाना जाता था। उन्होंने घरेलू रसोइयों के लिए 17 पुस्तकें लिखीं, जिनमें 2,700 व्यंजन शामिल थे। खानपान के विद्यार्थियों के लिए भी उन्होंने चार पुस्तकें लिखीं। वर्ष 2021 में उन्हें विश्व तमिल संगठन का ‘कलिनरी लीजेंड अवॉर्ड’ मिला और 2025 में पाक-कला में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
2010 में उन्होंने 24 घंटे, 30 मिनट और 12 सेकंड में 617 व्यंजन तैयार कर व्यक्तिगत रूप से सबसे लंबे समय तक खाना पकाने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड बनाया। इन व्यंजनों का कुल वजन 190 किलोग्राम था। उनकी अन्य रिकॉर्ड उपलब्धियों में 2012 में मदुरै में बनाया गया लंबा डोसा और 2014 में सिंगापुर में तैयार की गई बड़ी करी शामिल थीं।
स्कूली भोजन और सामुदायिक सेवा
दामोदरन ने 2008 और 2011 में तमिलनाडु सरकार के मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए काम किया। उन्होंने 1.68 करोड़ स्कूली बच्चों के भोजन हेतु व्यंजन तैयार करने में मदद की और राज्य के 32 जिलों में 1.4 लाख भोजनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने खानपान के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने के साथ स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के व्यावसायिक कौशल विकास में भी सहयोग किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पद्म पुरस्कारों में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री शामिल हैं; पद्मश्री इन तीनों में तीसरे क्रम पर है।
- मद्रास विश्वविद्यालय की स्थापना 1857 में हुई थी।
- चेट्टीनाड व्यंजन तमिलनाडु के चेट्टीनाड क्षेत्र से जुड़ा है।
- शेफ दामू ने घरेलू पाक-कला और खानपान शिक्षा पर कुल 21 पुस्तकें लिखीं।
शेफ दामू की विरासत उनके व्यंजनों और रिकॉर्डों तक सीमित नहीं थी; उन्होंने पाक-कला शिक्षा और बड़े पैमाने पर बच्चों के पोषण कार्यक्रमों में भी योगदान दिया।