जोगेन चौधरी के निधन से भारतीय कला जगत में शून्य
प्रख्यात चित्रकार और राज्यसभा के पूर्व सदस्य जोगेन चौधरी का 25 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे। भारतीय कला में पारंपरिक सौंदर्यबोध और आधुनिकतावादी दृष्टि के मेल के लिए पहचाने जाने वाले चौधरी को 2020 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
परंपरा और आधुनिकता का अनूठा मेल
15 फरवरी 1939 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के फरिदपुर में जन्मे चौधरी की कलायात्रा कई दशकों तक फैली रही। फरिदपुर अब बांग्लादेश में है। उनकी कला में भारतीय परंपरा से जुड़ा सौंदर्यबोध आधुनिकतावादी अभिव्यक्ति के साथ दिखाई देता था। उन्होंने स्याही, जलरंग और पेस्टल जैसे माध्यमों में काम किया।
चौधरी ने 2019 में चारुबासना संग्रहालय की स्थापना की थी, जहां उनके जीवनभर के कलाकर्म को संजोया गया। यह संग्रहालय उनकी कलात्मक विरासत को सुरक्षित रखने और दर्शकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बना। पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
राज्यसभा में सार्वजनिक जीवन
कला के साथ-साथ चौधरी ने संसदीय जीवन में भी योगदान दिया। वे तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में 3 अप्रैल 2014 से 2 अप्रैल 2020 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च सदन है और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके सदस्य राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली से चुने जाते हैं।
राज्यसभा स्थायी सदन है, इसलिए इसे भंग नहीं किया जाता। इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। चौधरी का छह वर्ष का कार्यकाल इसी क्रम का हिस्सा था।
बीमारी के बाद निधन
चौधरी मायलोप्रोलिफेरेटिव नियोप्लाज्म नामक दुर्लभ रक्त-विकारों के समूह का उपचार करा रहे थे। इस स्थिति में अस्थि-मज्जा में रक्त कोशिकाओं का उत्पादन असामान्य हो जाता है। वे लगभग 14 से 18 महीने से कीमोथेरेपी ले रहे थे। 16 अक्टूबर 2026 को संक्रमण और मूत्र मार्ग के संक्रमण सहित जटिलताओं के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें कृत्रिम श्वसन सहायता दी गई और 25 अक्टूबर को सुबह लगभग 10:15 बजे उनका निधन हुआ।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च सदन और स्थायी सदन है।
- राज्यसभा के एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।
- पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
- जोगेन चौधरी 2014 से 2020 तक राज्यसभा के सदस्य रहे और उन्होंने 2019 में चारुबासना संग्रहालय खोला।
जोगेन चौधरी की विरासत उनकी विशिष्ट चित्रशैली, चारुबासना में संरक्षित कलाकृतियों और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका के माध्यम से याद की जाएगी।