विज्ञान और तकनीक के अमेरिकी पदकों से सम्मानित छह दिग्गज

विज्ञान और तकनीक के अमेरिकी पदकों से सम्मानित छह दिग्गज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अक्टूबर 2026 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित “विज्ञान: एक नया स्वर्णिम युग शिखर सम्मेलन” के दौरान छह लोगों को विज्ञान और तकनीक के राष्ट्रीय पदक प्रदान किए। चार लोगों को राष्ट्रीय विज्ञान पदक और दो को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पदक दिया गया। सम्मानित व्यक्तियों में अंतरिक्ष, कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र से जुड़े प्रमुख नाम शामिल हैं।

दो राष्ट्रीय पदक, अलग-अलग योगदान

राष्ट्रीय विज्ञान पदक की स्थापना अमेरिकी कांग्रेस ने 1959 में की थी। यह भौतिक, जैविक, गणितीय, इंजीनियरिंग और सामाजिक विज्ञानों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। इस पदक का कार्यक्रम राष्ट्रीय विज्ञान प्रतिष्ठान संचालित करता है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पदक 1980 में स्थापित हुआ था। 2007 में इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पदक कर दिया गया। इस कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी पेटेंट एवं ट्रेडमार्क कार्यालय करता है। इस बार विज्ञान पदक चार व्यक्तियों को और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पदक दो व्यक्तियों को प्रदान किया गया।

अंतरिक्ष से लेकर चिप निर्माण तक सम्मान

राष्ट्रीय विज्ञान पदक पाने वालों में एलन मस्क, सर्गेई ब्रिन, जेन्सेन हुआंग और लीसा सू शामिल हैं। मस्क को अंतरिक्ष अन्वेषण और बुद्धिमान प्रणालियों से जुड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। ब्रिन को सूचना खोज में इस्तेमाल होने वाले आधारभूत एल्गोरिदम के विकास के लिए चुना गया।

हुआंग को ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट यानी जीपीयू को सामान्य प्रयोजन की गणना के लिए आगे बढ़ाने में योगदान के लिए पदक मिला। जीपीयू एक ऐसा प्रोसेसर है जो कई गणनाएँ एक साथ कर सकता है और वैज्ञानिक कंप्यूटिंग सहित अनेक क्षेत्रों में उपयोगी है। लीसा सू को सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग में नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया। सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और एकीकृत परिपथों की रूपरेखा तथा विकास शामिल होता है।

क्लाउड और बड़े कंप्यूटिंग ढाँचे में योगदान

माइकल डेल और सत्य नडेला को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पदक मिला। डेल को व्यक्तिगत और उद्यम कंप्यूटिंग के विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। नडेला को क्लाउड कंप्यूटिंग में नेतृत्व और हाइपरस्केल ढाँचे के विकास के लिए चुना गया। क्लाउड कंप्यूटिंग में नेटवर्क के माध्यम से कंप्यूटिंग सेवाएँ और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, जबकि हाइपरस्केल ढाँचा बहुत बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग संचालन को संभालता है।

छह में से पाँच सम्मानित व्यक्ति अमेरिका के बाहर जन्मे हैं। मस्क का जन्म दक्षिण अफ्रीका, ब्रिन का रूस, हुआंग और सू का ताइवान तथा नडेला का भारत में हुआ था। डेल का जन्म अमेरिका में हुआ।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राष्ट्रीय विज्ञान पदक की स्थापना अमेरिकी कांग्रेस ने 1959 में की थी।
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पदक का नाम 2007 में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पदक रखा गया।
  • राष्ट्रीय विज्ञान पदक कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय विज्ञान प्रतिष्ठान करता है।
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पदक कार्यक्रम अमेरिकी पेटेंट एवं ट्रेडमार्क कार्यालय संचालित करता है।

यह सम्मान विज्ञान और तकनीक के अलग-अलग क्षेत्रों में शोध, इंजीनियरिंग और नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करता है। इस वर्ष के पुरस्कारों में कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों का विशेष महत्व दिखाई देता है।

Originally written on October 9, 2026 and last modified on October 9, 2026.

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