वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत ने पहली बार टॉप-10 में जगह बनाई
शंघाई में 27 सितंबर 2026 को संपन्न 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत ने 10वां स्थान हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की। टीम इंडिया ने इस वैश्विक कौशल मंच पर छह रजत पदक और 20 मेडल फॉर एक्सीलेंस जीते। यह परिणाम भारत के लिए इसलिए खास है क्योंकि यह वर्ल्डस्किल्स इतिहास में देश की पहली टॉप-10 फिनिश है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह उपलब्धि
वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता युवा पेशेवरों के लिए आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कौशल स्पर्धा है, जिसमें विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रतिभा का परीक्षण होता है। भारत का 13वें स्थान से 10वें स्थान तक पहुंचना यह दिखाता है कि देश में कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और उद्योग-उपयुक्त दक्षताओं का दायरा लगातार मजबूत हो रहा है।
इस बार भारत ने 70 प्रतियोगियों का अब तक का सबसे बड़ा दल भेजा था, जिसने 63 कौशल श्रेणियों में हिस्सा लिया। टीम ने 11 नई श्रेणियों में भी भागीदारी की, जिनमें मानवरहित हवाई प्रणाली और इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकी विधाएं शामिल थीं।
पदक जीतने वाले भारतीय प्रतिभागी
भारत के छह रजत पदक विजेताओं में स्मृति नांबियार (बेकरी), मोहम्मद सलाम (डेंटल प्रोस्थेटिक्स), कोविड अजय गांगरेड (डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन), पार्थ वोहरा (इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी), मेहरुनिस्सा बेगम (लॉजिस्टिक्स एंड फ्रेट फॉरवर्डिंग) और सानिया जोशी (रिटेल सेल्स) शामिल रहीं। इनमें से स्मृति नांबियार को 27 सितंबर 2026 को ‘बेस्ट ऑफ द नेशन’ सम्मान भी मिला।
दिलचस्प बात यह है कि इस संस्करण में भारत ने जिन तीन नई श्रेणियों में पदार्पण किया, उनमें भी रजत पदक हासिल किए। डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन और रिटेल सेल्स में मिले पदक भारत की बढ़ती तकनीकी विविधता को दर्शाते हैं।
वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता का महत्व
वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता हर दो वर्ष में आयोजित होती है और इसे व्यावसायिक उत्कृष्टता का वैश्विक मानक माना जाता है। इसमें भाग लेने वाले युवा अपने-अपने क्षेत्र की व्यावहारिक दक्षता, सटीकता, नवाचार और समय प्रबंधन का प्रदर्शन करते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता हर दो साल में आयोजित होती है।
- 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 22 से 27 सितंबर 2026 तक शंघाई में हुई।
- भारत ने पहली बार इस प्रतियोगिता में टॉप-10 स्थान हासिल किया।
- भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ल्डस्किल्स ल्योन 2024 में 13वां स्थान था।
शंघाई 2026 का परिणाम भारत के कौशल विकास अभियान के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह उपलब्धि बताती है कि भारतीय युवा अब पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ उभरती तकनीकी विधाओं में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने लगे हैं।