वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए 77.98 करोड़ रुपये जारी
केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़ी 755 परियोजनाओं के लिए 77.98 करोड़ रुपये की सहायता जारी की। यह राशि वित्त वर्ष 2026–27 की 30 सितंबर को समाप्त तिमाही के लिए दी गई है। अनुदान अटल वयो अभ्युदय योजना के एक घटक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम के तहत जारी किया गया।
संस्थागत देखभाल को मिलेगा सहारा
वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम के तहत पात्र संगठनों को अनुदान दिया जाता है, ताकि वे वृद्धजनों के लिए संस्थागत देखभाल और संबंधित सेवाएं उपलब्ध करा सकें। इसमें वृद्धाश्रम और निरंतर देखभाल गृह जैसी सुविधाओं के संचालन में सहायता शामिल है। जारी धनराशि का उद्देश्य इन सेवाओं की उपलब्धता और वितरण को मजबूत करना है।
इस कार्यक्रम को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय संचालित करता है। मंत्रालय वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के जरिए देखभाल और सहायता सेवाओं को बढ़ावा देता है। 755 परियोजनाओं के लिए जारी अनुदान इसी व्यवस्था के तहत संगठनों को सहायता प्रदान करेगा।
अटल वयो अभ्युदय योजना का उद्देश्य
अटल वयो अभ्युदय योजना वर्ष 2021 में शुरू की गई थी। यह मंत्रालय की प्रमुख योजना है, जिसका लक्ष्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए गरिमापूर्ण जीवन और अपने परिचित परिवेश में रहने को प्रोत्साहित करना है। योजना वृद्धजनों की देखभाल और कल्याण के लिए सेवाओं का ढांचा उपलब्ध कराती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम के अलावा, इस योजना में राष्ट्रीय वयोश्री योजना भी शामिल है। इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को उम्र से जुड़ी अक्षमताओं और कमजोरियों से निपटने के लिए सहायक उपकरण दिए जाते हैं। भारत में वरिष्ठ नागरिकों की आबादी 2036 तक 23 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में संस्थागत देखभाल और अन्य सहायता सेवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
संवैधानिक और कानूनी आधार
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 41 राज्य को अपनी आर्थिक क्षमता और विकास की सीमाओं के भीतर वृद्धावस्था सहित कुछ स्थितियों में सार्वजनिक सहायता की व्यवस्था करने का निर्देश देता है। यह अनुच्छेद संविधान के भाग चार में दिए गए राज्य के नीति-निदेशक तत्वों का हिस्सा है।
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। इस कानून के अनुसार, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का भारतीय नागरिक वरिष्ठ नागरिक कहलाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अटल वयो अभ्युदय योजना वर्ष 2021 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने शुरू की थी।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम, अटल वयो अभ्युदय योजना का घटक है।
- संविधान का अनुच्छेद 41 भाग चार में राज्य के नीति-निदेशक तत्वों के अंतर्गत आता है।
- वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण से जुड़ा कानून वर्ष 2007 में बनाया गया था।
सरकार की यह सहायता वृद्धजनों के लिए उपलब्ध देखभाल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में है। बढ़ती वरिष्ठ नागरिक आबादी के बीच ऐसी योजनाएं संस्थागत सहयोग और कल्याण सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सहायक हैं।