तंबाकू-मुक्त युवा अभियान 4.0 से शैक्षणिक परिसरों पर जोर
भारत में तंबाकू-मुक्त युवा अभियान का चौथा संस्करण 28 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ। 60 दिनों तक चलने वाला यह राष्ट्रव्यापी अभियान 26 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने नई दिल्ली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इसकी शुरुआत की।
युवाओं और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इस अभियान को ‘माय भारत’ और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से संचालित कर रहा है। इस संस्करण में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों पर विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यार्थियों को तंबाकू-रोधी गतिविधियों में शामिल करने के साथ ही संस्थानों को परिसर में तंबाकू-मुक्त वातावरण मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अभियान की रणनीति छह क्षेत्रों पर आधारित है—जन-जागरूकता, तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान, तंबाकू-मुक्त गांव, तंबाकू नियंत्रण कानूनों का पालन, सामाजिक माध्यमों के जरिए सहभागिता तथा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की भागीदारी। इसके तहत युवाओं को रोकथाम के प्रयासों से जोड़ने और गांवों व शिक्षण स्थलों में तंबाकू-मुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने की गतिविधियां होंगी।
तंबाकू नियंत्रण कानूनों का प्रवर्तन
अभियान में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (कोटपा) के पालन पर भी जोर है। यह कानून तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और व्यापार को नियंत्रित करता है। इसके तहत कुछ निर्धारित सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषिद्ध है। 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को तंबाकू उत्पाद बेचना और किसी शिक्षण संस्थान के 100 गज के भीतर इनकी बिक्री करना प्रतिबंधित है।
इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 (पेका) भी अभियान के कानूनी पक्ष का हिस्सा है। यह भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पर रोक लगाता है। इसमें ऐसे उपकरण भी शामिल हैं जो किसी पदार्थ को गर्म करके सांस के जरिए अंदर लेने योग्य वाष्प बनाते हैं—चाहे उस पदार्थ में निकोटीन हो या नहीं।
पिछले चरणों के परिणाम और राज्यों की भूमिका
पिछले संस्करणों के बाद 5.8 लाख से अधिक शिक्षण संस्थानों और 73 हजार से अधिक गांवों को तंबाकू-मुक्त घोषित किया गया। अभियान के चौथे संस्करण की शुरुआत के दिन नागालैंड ने भी राज्य स्तर पर इसकी गतिविधियां शुरू कीं। वहां विभिन्न जिलों में अभियान से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- कोटपा अधिनियम 2003 में तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और व्यापार को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था।
- इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 में लागू हुआ।
- कोटपा के तहत शिक्षण संस्थानों के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।
- तंबाकू-मुक्त युवा अभियान 4.0 की अवधि 28 अक्टूबर से 26 दिसंबर 2026 तक है।
अभियान का व्यापक लक्ष्य युवाओं, शिक्षण संस्थानों और समुदायों को तंबाकू नियंत्रण के प्रयासों से जोड़ना है। कानूनों के पालन और स्थानीय भागीदारी से तंबाकू-मुक्त वातावरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।