वन प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नई क्षमता-विकास पहल

वन प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नई क्षमता-विकास पहल

केंद्र सरकार ने वन प्रशासन को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए ‘कैपेसिटी एन्हांसमेंट फॉर इफेक्टिव फॉरेस्ट मैनेजमेंट’ परियोजना पर एक कार्यशाला शुरू की। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य वन कर्मियों, शोध संस्थानों और प्रशिक्षण इकाइयों की क्षमता बढ़ाना है, ताकि बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों में वन संरक्षण और प्रबंधन को अधिक सशक्त बनाया जा सके।

परियोजना का दायरा और समय-सीमा

यह परियोजना 2025-26 से 2031-32 की अवधि के लिए तय की गई है। इसका संबंध भारत और जापान के बीच वन क्षेत्र में सहयोग से है। कार्यशाला का आयोजन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ मिलकर किया। JICA जापान की वह एजेंसी है जो अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग को समर्थन देती है।

इस पहल के जरिए वन प्रशासन में संस्थागत समन्वय, प्रशिक्षण और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है।

मैदान स्तर के कर्मियों पर खास फोकस

परियोजना का एक प्रमुख लक्ष्य उन फ्रंटलाइन वन कर्मियों को मजबूत करना है, जो जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीव प्रबंधन और जमीनी स्तर पर नियमों के पालन की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे कर्मियों को अक्सर अलग-अलग भौगोलिक और पारिस्थितिक परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, इसलिए उनके लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं।

इन मॉड्यूलों में क्षेत्र-विशिष्ट प्रशिक्षण शामिल होगा, जिससे अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की वन-प्रबंधन चुनौतियों के अनुसार क्षमता विकसित की जा सके।

अनुसंधान, प्रशिक्षण और तकनीक का एकीकरण

इस परियोजना में वन अनुसंधान और विकास को भी मजबूत करने की बात कही गई है। साथ ही, वैज्ञानिक तरीकों और उभरती तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर है, ताकि वन प्रशासन अधिक सटीक और प्रभावी बन सके। शोध के निष्कर्षों को प्रशिक्षण सामग्री में बदलने की दिशा में भी काम किया जाएगा, जिससे जमीनी स्तर पर ज्ञान का बेहतर उपयोग हो सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत में वन और वन्यजीव नीति के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नोडल मंत्रालय है।
  • JICA का पूरा नाम Japan International Cooperation Agency है।
  • भारत में वन प्रबंधन में राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों के वन विभाग, शोध संस्थान और प्रशिक्षण संस्थान अहम भूमिका निभाते हैं।
  • फ्रंटलाइन वन कर्मी वे होते हैं जो संरक्षण, निगरानी और प्रवर्तन जैसे कार्य सीधे क्षेत्र में करते हैं।

भारत-जापान की यह साझेदारी वन प्रशासन को प्रशिक्षण, शोध और तकनीक के स्तर पर नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Originally written on September 25, 2026 and last modified on September 25, 2026.

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