वंडलूर चिड़ियाघर में H5N1 संक्रमण से पक्षियों की मौत
चेन्नई स्थित अरिग्नार अन्ना प्राणी उद्यान, जिसे वंडलूर चिड़ियाघर के नाम से भी जाना जाता है, में जलीय पक्षियों में H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा संक्रमण की पुष्टि हुई है। भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान ने 2 अक्टूबर 2026 को संक्रमण की पुष्टि की। इसके बाद 3 से 9 अक्टूबर के बीच सात पक्षियों की मृत्यु हुई।
वंडलूर चिड़ियाघर में किन पक्षियों की मृत्यु हुई?
मृत पक्षियों में चार चित्रित सारस, एक धूसर हवासील, एक धूसर बगुला और एक भारतीय सर्पपक्षी शामिल थे। ये सभी चिड़ियाघर के वेदांतंगल परिसर में रखे गए थे। 3 अक्टूबर को पहले पक्षी की मृत्यु के बाद अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र को घेरकर वहां आवाजाही सीमित कर दी।
चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, 9 अक्टूबर के बाद पक्षियों की कोई नई मृत्यु या बीमारी के लक्षण सामने नहीं आए। निदेशक ने प्रकोप के संभवतः समाप्त होने की बात कही। फिर भी प्रभावित हिस्से की निगरानी और संक्रमण-नियंत्रण उपाय जारी रखे गए, क्योंकि पक्षियों के समूह में रोग का प्रसार तेजी से हो सकता है।
H5N1 और संक्रमण का प्रसार
एवियन इन्फ्लुएंजा, इन्फ्लुएंजा ए वायरस से होने वाला संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है। H5N1 में ‘H’ का संबंध हीमैग्लूटिनिन और ‘N’ का संबंध न्यूरामिनिडेज नामक सतही प्रोटीन से है। संख्या 5 और 1 इन प्रोटीनों के उपप्रकार बताते हैं।
जंगली जलीय पक्षी एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस के वाहक हो सकते हैं। संक्रमित पक्षियों के स्राव या दूषित वातावरण के संपर्क से अन्य पक्षियों में संक्रमण फैल सकता है। इसलिए चिड़ियाघर जैसे स्थानों पर प्रभावित बाड़े को अलग रखना, लोगों और उपकरणों की आवाजाही नियंत्रित करना तथा सफाई बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।
सफाई और जैव-सुरक्षा के उपाय
गहन सफाई, जैव-सुरक्षा मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखने के लिए चिड़ियाघर 22 और 23 अक्टूबर 2026 को आगंतुकों के लिए बंद रहा। प्रभावित हिस्से में कीटाणुशोधन किया गया और वहां प्रवेश सीमित रखा गया। पक्षियों को मौखिक एंटीबायोटिक, हर्बल विषाणुरोधी औषधियां, प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले पदार्थ और यकृत-सहायक पूरक दिए गए।
पशु सुविधाओं में जैव-सुरक्षा का उद्देश्य संक्रमण को एक बाड़े से दूसरे तक जाने से रोकना है। इसके लिए आवागमन पर नियंत्रण और दूषित सामग्री या उपकरणों के स्थानांतरण को रोकना आवश्यक है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- H5N1, इन्फ्लुएंजा ए वायरस का एक उपप्रकार है।
- H5N1 की पुष्टि भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान ने की।
- अरिग्नार अन्ना प्राणी उद्यान तमिलनाडु के चेन्नई स्थित वंडलूर में है।
- मृत पक्षियों में चित्रित सारस, धूसर हवासील, धूसर बगुला और भारतीय सर्पपक्षी शामिल थे।
इस घटना में प्रभावित क्षेत्र को अलग रखने, सफाई करने और निगरानी बनाए रखने जैसे कदम चिड़ियाघरों में रोग नियंत्रण की अहम भूमिका दिखाते हैं।