लेक ह्यूरॉन के नीचे मिले 9 हजार वर्ष पुराने पुरातात्विक अवशेष
उत्तर अमेरिका की लेक ह्यूरॉन के नीचे लगभग 9,000 वर्ष पुराने पुरातात्विक ढांचे मिलने से प्रागैतिहासिक मानव जीवन और शिकार पद्धतियों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। ये संरचनाएं पेलियोइंडियन और प्रारंभिक आर्काइक काल से जुड़ी मानी जा रही हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार ये अवशेष अल्पेना-अम्बरले रिज क्षेत्र में पाए गए हैं, जो हिमयुग के दौरान उत्तर-पूर्वी मिशिगन और दक्षिणी ओंटारियो के बीच भूमि पुल के रूप में मौजूद था।
ग्रेट लेक्स में पानी के नीचे पुरातत्व अध्ययन
पानी के नीचे पुरातत्व विज्ञान उन मानव गतिविधियों का अध्ययन करता है जो झीलों, समुद्रों और नदियों के नीचे संरक्षित रह गई हैं। लेक ह्यूरॉन उत्तर अमेरिका की पांच महान झीलों में से एक है। इसकी गहरी, ठंडी और कम ऑक्सीजन वाली जल परिस्थितियां जैविक और पत्थर से बने अवशेषों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में सहायक मानी जाती हैं। ग्रेट लेक्स क्षेत्र में पहले भी प्रागैतिहासिक बस्तियों और शिकार गतिविधियों के कई प्रमाण मिले हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि हिमयुग के दौरान जल स्तर कम होने से कई भूभाग मानव आवागमन और शिकार के लिए उपयोग किए जाते थे।
अल्पेना-अम्बरले रिज की विशेषता
हिमयुग के समय अल्पेना-अम्बरले रिज जल स्तर से ऊपर स्थित भूमि क्षेत्र था। यहां कैरिबू शिकार से जुड़ी कई संरचनाएं मिली हैं, जिनमें ड्राइव लेन, शिकार ब्लाइंड और पत्थर भंडार शामिल हैं। इनका उपयोग शिकार को नियंत्रित दिशा में ले जाने और उपकरण निर्माण के लिए किया जाता था। एक प्रमुख स्थल “ड्रॉप 45 ड्राइव लेन” नाम से पहचाना गया है, जो मिशिगन के अल्पेना क्षेत्र के दक्षिण-पूर्व में लगभग 120 से 121 फीट गहराई में स्थित है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह क्षेत्र प्राचीन शिकारी समुदायों के लिए महत्वपूर्ण शिकार मार्ग रहा होगा।
शोध और वैज्ञानिक खोज
मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 2008 और 2009 में पहली बार लेक ह्यूरॉन के नीचे पुरातात्विक प्रमाणों की पहचान की थी। इस टीम में पुरातत्वविद जॉन ओ’शेया और गाय मीडोज शामिल थे। अब तक यहां 80 से अधिक पत्थर संरचनाओं वाले स्थानों की पहचान की जा चुकी है। इन शोध निष्कर्षों को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका “प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज” में प्रकाशित किया गया। अध्ययन में आधुनिक जल-नीचे सर्वेक्षण तकनीकों और मानचित्रण विधियों का उपयोग किया गया।
प्राचीन व्यापार नेटवर्क के प्रमाण
इन स्थलों से प्राप्त अवशेषों में पत्थर के उपकरण और गैर-स्थानीय सामग्री से बनी वस्तुएं शामिल हैं। कुछ ऑब्सीडियन पत्थरों का स्रोत ओरेगन क्षेत्र तक पाया गया है। ऑब्सीडियन ज्वालामुखीय कांच होता है, जिसका उपयोग प्रागैतिहासिक समाजों में तेज धार वाले औजार बनाने के लिए किया जाता था। इस खोज से यह संकेत मिलता है कि हजारों वर्ष पहले भी उत्तर अमेरिका में लंबी दूरी के व्यापार और आदान-प्रदान नेटवर्क मौजूद थे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” लेक ह्यूरॉन उत्तर अमेरिका की पांच महान झीलों में से एक है। ” पेलियोइंडियन काल अमेरिका में मानव बसावट के बाद की सबसे प्रारंभिक सांस्कृतिक अवधि मानी जाती है। ” ऑब्सीडियन एक ज्वालामुखीय कांच है, जिसका उपयोग प्राचीन औजार बनाने में होता था। ” कैरिबू शिकार संरचनाओं में ड्राइव लेन और शिकार ब्लाइंड प्रमुख होते हैं। लेक ह्यूरॉन के नीचे मिली ये प्राचीन संरचनाएं मानव इतिहास, हिमयुगीन पर्यावरण और प्रागैतिहासिक समाजों के जीवन को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में इस क्षेत्र में और भी महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोजें हो सकती हैं।