ललित कला अकादमी की राष्ट्रीय प्रदर्शनी में 20 कलाकारों को सम्मान
ललित कला अकादमी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 कलाकारों को पुरस्कार देने की घोषणा की है। नई दिल्ली के रवीन्द्र भवन स्थित ललित कला आर्ट गैलरीज़ में आयोजित इस प्रदर्शनी में चित्रकला, मूर्तिकला, रेखांकन, प्रिंटमेकिंग और अन्य दृश्य कलाओं की कृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं।
राष्ट्रीय प्रदर्शनी में देशभर की कला का व्यापक चयन
इस वर्ष अकादमी को 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 2,495 कलाकारों से 6,175 कलाकृतियाँ प्राप्त हुईं। पहले चरण की जूरी ने इनमें से 270 कृतियों को प्रदर्शनी के लिए चुना, जबकि दूसरे चरण की जूरी ने 20 कलाकारों की 20 कृतियों को ललित कला अकादमी पुरस्कार के लिए चयनित किया। यह प्रक्रिया बताती है कि राष्ट्रीय प्रदर्शनी केवल प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि समकालीन भारतीय कला के मूल्यांकन का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
पुरस्कार चयन में विविध माध्यमों को प्राथमिकता
पुरस्कारों का दायरा कई दृश्य कला माध्यमों तक फैला रहा। मूर्तिकला श्रेणी में चंद्रशेखर सैनी को My Entire World – I के लिए सम्मान मिला, जबकि चित्रकला में गोपाल चंद्र नस्कर को The Tune of The Srimad Bhagavad Gita और किशोर कुमार नारखड़ियावाला को Paryavaran के लिए पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा मृणाल डे, निधि चोपड़ा, निमाई सिंह सरुंगबाम, पंकज कुमार शर्मा, पूजा राजपूत, प्रवीण कुमार, प्रीतम मधुकर देउसकर, राजेंद्र प्रसाद, रमेश विठ्ठल थोरात, रविराम रामकृष्णन, संजय कुमार, संजय कुमार साहनी, संजीब कुमार गोगोई, सांता देब, सिद्धार्थ शाहजीराव शिंगाडे, उषारंजन मंडल और विजेंद्र शर्मा भी पुरस्कार पाने वालों में शामिल रहे।
ललित कला अकादमी की भूमिका और प्रदर्शनी का महत्व
ललित कला अकादमी भारत की राष्ट्रीय कला अकादमी है और यह संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्य करती है। इसकी स्थापना 1954 में हुई थी। राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी अकादमी की वार्षिक पहल है, जो देश में समकालीन दृश्य कला को सामने लाने का प्रमुख मंच मानी जाती है। 65वीं प्रदर्शनी को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाया गया है। साथ ही, कुछ उत्कृष्ट पुरस्कार-विजेता कृतियों को बिक्री के लिए भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे कलाकारों को प्रोत्साहन और कला-प्रेमियों को समकालीन रचनाओं तक पहुंच मिलती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ललित कला अकादमी भारत की राष्ट्रीय कला अकादमी है और यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन काम करती है।
- राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी ललित कला अकादमी की वार्षिक प्रदर्शनी है।
- 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी नई दिल्ली के रवीन्द्र भवन स्थित ललित कला आर्ट गैलरीज़ में आयोजित की गई।
- इस प्रदर्शनी में चित्रकला, मूर्तिकला, रेखांकन और प्रिंटमेकिंग जैसी दृश्य कलाओं को शामिल किया गया।
इस घोषणा के साथ राष्ट्रीय प्रदर्शनी ने एक बार फिर देश की समकालीन कला-धारा, विविधता और कलाकारों की रचनात्मकता को राष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता दी है।