लद्दाख में पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज 2027-28 से शुरू होगा
लद्दाख में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 19 अक्टूबर 2026 को लेह में केंद्रशासित प्रदेश के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज को शुरू करने की मंजूरी दी। कॉलेज का संचालन 2027-28 शैक्षणिक सत्र से प्रस्तावित है।
लेह में बनेगा चिकित्सा शिक्षा का नया केंद्र
इस मंजूरी के साथ लद्दाख के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए क्षेत्र से बाहर जाने पर निर्भरता कम करने का अवसर मिलेगा। कॉलेज के लिए लेह में नवनिर्मित दो इमारतों की पहचान की गई है। इनमें से एक का उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों के लिए और दूसरी का छात्रावास के रूप में किया जाएगा। यह केंद्रशासित प्रदेश का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज होगा।
लद्दाख 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद केंद्रशासित प्रदेश बना था। इसके दो जिले लेह और कारगिल हैं। कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के संस्थागत ढांचे का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर चिकित्सा प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी।
बुनियादी ढांचे और भर्ती में चरणबद्ध व्यवस्था
मंजूरी के साथ बुनियादी ढांचे से जुड़ी शर्तों में एक बार की विशेष छूट दी गई है। इसके तहत भौतिक बुनियादी ढांचे का 80 प्रतिशत पूरा होने से पहले भर्ती की तैयारी शुरू की जा सकती है। 2027-28 शैक्षणिक सत्र से स्वीकृत 103 नियमित पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती की व्यवस्था भी की गई है।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर इस छूट का अनुरोध किया था। यह व्यवस्था कॉलेज को आवश्यक तैयारी आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जबकि निर्माण और संस्थागत ढांचे का विकास जारी रहेगा।
एसएनएम अस्पताल में मिलेगा नैदानिक प्रशिक्षण
कॉलेज के विद्यार्थियों को नैदानिक प्रशिक्षण लेह के मौजूदा 200 बिस्तरों वाले सोनम नोरबू मेमोरियल अस्पताल में दिया जाएगा, जिसे एसएनएम अस्पताल के नाम से भी जाना जाता है। मेडिकल शिक्षा में कक्षा-आधारित अध्ययन के साथ अस्पतालों में मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव महत्वपूर्ण होता है।
देश में चिकित्सा शिक्षा और संस्थानों का नियमन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत होता है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 2020 में भारतीय चिकित्सा परिषद का स्थान लिया। स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी देश की साझा प्रवेश परीक्षा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश 31 अक्टूबर 2019 को अस्तित्व में आया।
- लद्दाख के दो जिले लेह और कारगिल हैं।
- राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम 2019 में बनाया गया और आयोग ने 2020 में भारतीय चिकित्सा परिषद का स्थान लिया।
- नीट-यूजी भारत में स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए साझा प्रवेश परीक्षा है।
लेह में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से लद्दाख में चिकित्सा शिक्षा का नया संस्थागत आधार तैयार होगा। इसके संचालन की सफलता बुनियादी ढांचे, नियुक्तियों और अस्पताल-आधारित प्रशिक्षण की समयबद्ध तैयारी पर निर्भर करेगी।