लक्ष्य सेन ने हाइलो ओपन जीतकर खत्म किया खिताबी इंतजार
भारत के लक्ष्य सेन ने 1 नवंबर 2026 को जर्मनी के सारब्रुकेन में हाइलो ओपन का पुरुष एकल खिताब जीत लिया। फाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया के चौथी वरीयता प्राप्त और मौजूदा चैंपियन जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेमों में हराया। यह 2026 सत्र में सेन का पहला बैडमिंटन विश्व महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) वर्ल्ड टूर खिताब है।
फाइनल में सेन का दमदार प्रदर्शन
ज़ारलैंडहाले में खेले गए मुकाबले में सेन ने क्रिस्टी को 21-17, 21-10 से शिकस्त दी। मैच 39 मिनट चला। पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला रहा, लेकिन सेन ने अहम अंकों पर बढ़त बनाई। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने लगातार दबाव बनाए रखा और खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ क्रिस्टी के खिलाफ सेन का आमने-सामने का रिकॉर्ड 4-4 हो गया।
दूसरा हाइलो ओपन खिताब और खिताबी सूखे का अंत
सेन ने इससे पहले 2019 में भी हाइलो ओपन जीता था। उस समय यह प्रतियोगिता सुपर 100 स्तर की थी। मौजूदा जीत उनके लिए इस टूर्नामेंट का दूसरा खिताब है और नवंबर 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद उनका पहला खिताब भी। इस तरह लगभग एक साल से चला आ रहा उनका खिताबी इंतजार समाप्त हुआ।
महिला एकल फाइनल में भारत की पीवी सिंधु ने डेनमार्क की लाइन कैयरफेल्ट को 21-12, 21-14 से हराया। इस तरह हाइलो ओपन में भारतीय खिलाड़ियों ने पुरुष और महिला, दोनों एकल वर्गों के खिताब जीते। यह टूर्नामेंट बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर के सुपर 500 स्तर का है और इसकी कुल पुरस्कार राशि पांच लाख अमेरिकी डॉलर है।
वर्ल्ड टूर स्तर और रैंकिंग का महत्व
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर में टूर्नामेंटों के स्तर के अनुसार खिलाड़ियों को रैंकिंग अंक मिलते हैं। प्रतियोगिता का स्तर और खिलाड़ी किस दौर तक पहुंचता है—दोनों अंक निर्धारण में अहम होते हैं। अलग से रखी जाने वाली सत्र रैंकिंग के आधार पर वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए खिलाड़ियों की पात्रता तय होती है। इसलिए सुपर 500 खिताब किसी खिलाड़ी के सत्र के प्रदर्शन और रैंकिंग अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हाइलो ओपन 2018 में सुपर 100 स्तर का टूर्नामेंट था।
- यह प्रतियोगिता 2021 में सुपर 500 स्तर पर पहुंची और अगले वर्ष सुपर 300 स्तर पर आ गई।
- बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर में वर्ल्ड टूर फाइनल्स के अलावा सुपर 1000, सुपर 750, सुपर 500, सुपर 300 और सुपर 100 के पांच स्तर हैं।
- वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए पात्रता तय करने वाली सत्र रैंकिंग, प्रतियोगिताओं से मिलने वाले सामान्य रैंकिंग अंकों से अलग होती है।
हाइलो ओपन में सेन और सिंधु की जीत ने भारतीय बैडमिंटन को दोहरी सफलता दिलाई। सेन के लिए यह खिताब नए सत्र में लय और आत्मविश्वास हासिल करने का अहम पड़ाव है।