अंकुशिता बोरो की स्वर्णिम जीत से टैमर टूर्नामेंट में भारत शीर्ष पर

अंकुशिता बोरो की स्वर्णिम जीत से टैमर टूर्नामेंट में भारत शीर्ष पर

असम की मुक्केबाज अंकुशिता बोरो ने फिनलैंड के टाम्पेरे में आयोजित 46वें अंतरराष्ट्रीय टैमर बॉक्सिंग टूर्नामेंट में महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीता। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक हुए इस मुकाबले में भारत ने कुल 14 पदक हासिल किए और पदक तालिका में पहला स्थान पाया।

फाइनल तक बोरो का दमदार सफर

बोरो ने क्वार्टर फाइनल में ब्राजील की हाजिएल सैंटोस को 4–1 से हराया। 30 अक्टूबर को हुए इस मुकाबले के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में स्विट्जरलैंड की अन्ना जेनी को 3–2 के करीबी फैसले से पराजित किया। फाइनल में उनका सामना ग्रेट ब्रिटेन की एला थॉम्पस्टोन से हुआ, जहां बोरो ने 4–1 के निर्णय से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इस तरह बोरो ने तीन अलग-अलग देशों की मुक्केबाजों को हराकर खिताब तक का सफर पूरा किया। टूर्नामेंट में पांच भारतीय मुक्केबाज फाइनल तक पहुंचे। बोरो को 2017 के युवा विश्व मुक्केबाजी मुकाबलों में सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज चुना गया था। उनकी ताजा जीत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके अनुभव और निरंतर प्रदर्शन को रेखांकित करती है।

भारत पदक तालिका में शीर्ष पर

भारत ने टूर्नामेंट में चार स्वर्ण, दो रजत और आठ कांस्य सहित कुल 14 पदक जीते। 1 नवंबर को स्वर्ण जीतने वाले अन्य भारतीय मुक्केबाजों में महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में आरती धरीयाल, महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी और पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में पवन बर्तवाल शामिल रहे। इन परिणामों ने भारत को कुल पदकों के मामले में प्रतियोगिता का शीर्ष देश बनाया।

टैमर टूर्नामेंट शौकिया मुक्केबाजी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जिसकी शुरुआत 1977 में हुई थी। फिनलैंड के टाम्पेरे में होने वाला यह आयोजन मुक्केबाजों को विभिन्न देशों के प्रतिद्वंद्वियों के विरुद्ध प्रतिस्पर्धा का अवसर देता है। अलग-अलग भार वर्गों में मुकाबले होने से प्रत्येक वर्ग के खिलाड़ी अपनी निर्धारित श्रेणी में चुनौती पेश करते हैं। महिलाओं और पुरुषों के भार वर्गों की सीमाएं प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार अलग हो सकती हैं।

मुक्केबाजी के फैसले और भार वर्ग

बोरो की जीत का 4–1 फैसला पांच निर्णायकों के मतों को दर्शाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि खिलाड़ी ने मुकाबला चार अंकों के अंतर से जीता। मुक्केबाजी में इस तरह का निर्णय बताता है कि पांच में से चार निर्णायकों ने एक मुक्केबाज को विजेता माना। मुकाबले के परिणामों को समझते समय इस अंतर पर ध्यान देना जरूरी है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • टैमर बॉक्सिंग टूर्नामेंट की शुरुआत 1977 में हुई थी और इसका आयोजन फिनलैंड के टाम्पेरे में होता है।
  • अंकुशिता बोरो ने 65 किलोग्राम महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
  • 4–1 का मुक्केबाजी निर्णय पांच निर्णायकों के मतों को दर्शाता है, अंकों के अंतर को नहीं।
  • भारत ने प्रतियोगिता में चार स्वर्ण, दो रजत और आठ कांस्य पदक जीते।

बोरो का स्वर्ण और भारत का शीर्ष स्थान इस प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।

Originally written on November 2, 2026 and last modified on November 2, 2026.

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