राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार 6.0 से नए क्षेत्रों को मिलेगा मंच
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कारों के छठे संस्करण, एनएसए 6.0, की शुरुआत की। स्टार्टअप इंडिया पहल के अंतर्गत दिए जाने वाले ये पुरस्कार नवाचार, विस्तार की क्षमता, स्थिरता और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के आधार पर स्टार्टअप को पहचान देते हैं। इस बार आवेदन 20 नवंबर 2026 तक किए जा सकते हैं।
20 क्षेत्रीय श्रेणियों में नए क्षेत्रों पर जोर
एनएसए 6.0 में 20 क्षेत्र-आधारित श्रेणियां और तीन विशेष पुरस्कार श्रेणियां रखी गई हैं। क्षेत्रीय श्रेणियों में से 12 इस संस्करण में नई हैं। इनमें जैव-विनिर्माण, रक्षा और सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, अर्धचालक एवं उन्नत विनिर्माण तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों को शामिल करने से पुरस्कारों का दायरा उभरती और रणनीतिक तकनीकों तक विस्तृत हुआ है।
तीन विशेष श्रेणियां वर्ष का महिला-नेतृत्व वाला स्टार्टअप, पूर्वोत्तर स्टार्टअप उत्कृष्टता और छात्र नवप्रवर्तक पुरस्कार हैं। छात्र नवप्रवर्तक पुरस्कार का उद्देश्य विद्यार्थियों तथा उद्यमी बनने की आकांक्षा रखने वाले युवाओं के नवाचारों को पहचानना है। पात्र स्टार्टअप आधिकारिक स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन की अवधि 27 अक्टूबर से 20 नवंबर 2026 तक है।
पुरस्कार राशि के साथ बाजार तक पहुंच का अवसर
हर क्षेत्रीय श्रेणी के विजेता और दो स्टार्टअप-केंद्रित विशेष श्रेणियों के विजेताओं को 25 लाख रुपये की नकद राशि मिल सकती है। छात्र नवप्रवर्तक पुरस्कार के लिए भी कुल 25 लाख रुपये का पुरस्कार कोष है, जिसे चार उप-श्रेणियों में बांटा जाएगा। इस तरह पुरस्कार केवल उपलब्धियों को मान्यता देने तक सीमित नहीं हैं। इनके जरिए स्टार्टअप को मार्गदर्शन, निवेशकों से जुड़ने और बाजार तक पहुंच बनाने के अवसर भी दिए जाते हैं।
स्टार्टअप इंडिया और सरकारी खरीद की भूमिका
स्टार्टअप इंडिया जनवरी 2016 में शुरू की गई भारत सरकार की पहल है। एनएसए 6.0 का शुभारंभ इस पहल के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुआ है। डीपीआईआईटी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है तथा औद्योगिक विकास और आंतरिक व्यापार के संवर्धन से जुड़ी नीतियों का संचालन करता है।
डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह के अनुसार, सरकार सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं का उपयोग स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए करना चाहती है। सार्वजनिक खरीद का अर्थ सरकारी संस्थाओं द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद से है। सरकारी खरीद में स्टार्टअप के लिए अवसर बढ़ने से उन्हें अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार मिल सकता है। यह पुरस्कारों के बाजार-संपर्क संबंधी उद्देश्य को भी मजबूत करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डीपीआईआईटी, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
- स्टार्टअप इंडिया पहल जनवरी 2016 में शुरू हुई थी।
- एनएसए 6.0 में 20 क्षेत्रीय और तीन विशेष पुरस्कार श्रेणियां हैं।
- छात्र नवप्रवर्तक पुरस्कार का 25 लाख रुपये का कोष चार उप-श्रेणियों में बांटा जाएगा।
एनएसए 6.0 में नई तकनीकी और रणनीतिक श्रेणियों का समावेश स्टार्टअप जगत के बदलते स्वरूप को दर्शाता है। पुरस्कारों के साथ मार्गदर्शन, निवेश और सरकारी खरीद के अवसरों पर जोर देना नवाचारों को व्यावसायिक उपयोग तक पहुंचाने में सहायक हो सकता है।