डोलोरेस हुएर्ता: अमेरिकी खेतिहर मजदूरों की आवाज़ का अंत
अमेरिका में खेतिहर मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को संगठित करने वाली डोलोरेस हुएर्ता का 28 अक्टूबर 2026 को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह यूनाइटेड फार्म वर्कर्स की सह-संस्थापक और श्रमिक तथा नागरिक अधिकारों की प्रमुख कार्यकर्ता थीं। कैंसर से उनका निधन कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड स्थित उनके घर पर हुआ।
खेतिहर मजदूरों को संगठित करने की पहल
हुएर्ता का जन्म 10 अप्रैल 1930 को न्यू मैक्सिको के डॉसन में हुआ था। बाद में उनका परिवार कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में रहने लगा। वर्ष 1962 में उन्होंने श्रमिक नेता सीज़र शावेज के साथ नेशनल फार्म वर्कर्स एसोसिएशन की स्थापना की। यह संगठन आगे चलकर यूनाइटेड फार्म वर्कर्स (यूएफडब्ल्यू) बना, जो कृषि श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाला श्रमिक संघ है।
हुएर्ता का मानना था कि खेतों में काम करने वालों को बेहतर वेतन और सुरक्षित कामकाजी परिस्थितियां मिलनी चाहिए। कृषि श्रमिकों में फसल उगाने और कटाई जैसे काम करने वाले लोग शामिल होते हैं। उनके अधिकारों की मांग में स्वच्छ पानी, आराम के लिए विराम और नियोक्ताओं से सामूहिक बातचीत का अधिकार प्रमुख थे। सामूहिक सौदेबाजी में श्रमिक आम तौर पर अपने संघ के माध्यम से रोजगार की शर्तों पर नियोक्ता से बातचीत करते हैं।
डेलानो अंगूर हड़ताल और श्रमिक आंदोलन
हुएर्ता और शावेज ने 1965 में कैलिफोर्निया की डेलानो अंगूर हड़ताल को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई। इसमें फिलिपिनो और मैक्सिकन-अमेरिकी खेतिहर मजदूर शामिल हुए। आंदोलन के समर्थन में अंगूरों का अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार भी किया गया। हड़ताल और बहिष्कार के जरिए श्रमिकों ने बेहतर वेतन, कामकाजी सुविधाओं और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार की मांग उठाई।
हुएर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण 22 बार गिरफ्तार हुईं। वर्ष 1988 में एक प्रदर्शन के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं। वह स्पेनिश नारे “सी, से पुएदे” यानी “हां, यह किया जा सकता है” को लोकप्रिय बनाने के लिए भी जानी जाती हैं। यह नारा यूएफडब्ल्यू के आंदोलन का प्रमुख संदेश बना और बाद में बराक ओबामा ने अपने राष्ट्रपति चुनाव अभियान में इसका रूपांतर अपनाया।
सम्मान और सार्वजनिक विरासत
वर्ष 2012 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हुएर्ता को प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया। यह अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। उन्होंने बेकर्सफील्ड में स्थित डोलोरेस हुएर्ता फाउंडेशन के माध्यम से भी अपना सामाजिक और नागरिक अधिकारों का काम जारी रखा। उनके निधन के बाद कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजम ने उनके सम्मान में सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुकाने का आदेश दिया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डोलोरेस हुएर्ता और सीज़र शावेज ने 1962 में नेशनल फार्म वर्कर्स एसोसिएशन की स्थापना की थी।
- यह संगठन बाद में यूनाइटेड फार्म वर्कर्स के नाम से जाना गया।
- डेलानो अंगूर हड़ताल 1965 में कैलिफोर्निया में शुरू हुई थी।
- प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
हुएर्ता का जीवन श्रमिकों को संगठित करने और उनके अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन की मिसाल बना रहेगा। उनके प्रयासों ने खेतिहर मजदूरों की मांगों को व्यापक सार्वजनिक चर्चा तक पहुंचाया।