राजस्थान में हाईवे पर सेना की हवाई तैयारी ने बढ़ाई रणनीतिक क्षमता

राजस्थान में हाईवे पर सेना की हवाई तैयारी ने बढ़ाई रणनीतिक क्षमता

भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2026 को राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ‘एक्सरसाइज जय से विजय’ का आयोजन किया। इस अभ्यास में राष्ट्रीय राजमार्ग-911 के एक हिस्से को अस्थायी सैन्य रनवे के रूप में इस्तेमाल किया गया, जहां सेना के हेलीकॉप्टरों ने उतरने और उड़ान भरने का अभ्यास किया। यह अभ्यास सीमावर्ती क्षेत्रों में वैकल्पिक हवाई ठिकानों के उपयोग और त्वरित सैन्य तैनाती की क्षमता को परखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

NH-911 पर क्यों किया गया यह अभ्यास

यह अभ्यास राजस्थान के दंतौर के पास किया गया, जो दक्षिण पश्चिमी कमान यानी साप्ता शक्ति कमान के अंतर्गत आने वाला एक संवेदनशील क्षेत्र है। राष्ट्रीय राजमार्ग-911 को इस दौरान एक दोहरे उपयोग वाली अवसंरचना के रूप में इस्तेमाल किया गया। ऐसे सड़क-रनवे अभ्यास उन इलाकों में खास महत्व रखते हैं, जहां स्थायी हवाई पट्टियां हर समय उपलब्ध नहीं होतीं और जरूरत पड़ने पर सड़क को ही सैन्य संचालन के लिए तैयार करना पड़ता है।

कौन-कौन से हेलीकॉप्टर शामिल रहे

अभ्यास में सेना की एविएशन कोर के रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलीकॉप्टर शामिल हुए। इन हेलीकॉप्टरों ने हाईवे की सतह पर सटीक लैंडिंग और टेकऑफ का प्रदर्शन किया। रुद्र, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव का सशस्त्र संस्करण है, जबकि ध्रुव स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर है। चेतक, एयरोस्पातियाल अलुएट III का भारतीय लाइसेंस-निर्मित संस्करण है। ये सभी प्लेटफॉर्म टोही, परिवहन, घायल सैनिकों की निकासी और सहायक अभियानों में उपयोग किए जाते हैं।

सैन्य दृष्टि से अभ्यास का महत्व

‘मिशन रेडी, फ्यूचर रेडी’ थीम के साथ किए गए इस अभ्यास का उद्देश्य बदलती युद्ध परिस्थितियों में सेना की तैयारी, गतिशीलता और वैकल्पिक लैंडिंग साइटों के उपयोग की क्षमता को जांचना था। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क पर आधारित हवाई संचालन से सेना को तेजी से प्रतिक्रिया देने, रसद समर्थन बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर हवाई संसाधनों को फैलाकर तैनात करने में मदद मिलती है। यह अवधारणा आधुनिक रक्षा योजना में तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ‘एक्सरसाइज जय से विजय’ भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2026 को राजस्थान में की।
  • अभ्यास के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-911 के एक हिस्से को अस्थायी सैन्य रनवे बनाया गया।
  • साप्ता शक्ति कमान, भारतीय सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान है।
  • रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलीकॉप्टर सेना की एविएशन कोर के प्रमुख प्लेटफॉर्म हैं।

इस तरह के अभ्यास यह दिखाते हैं कि सीमावर्ती सुरक्षा में केवल पारंपरिक सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि सड़क जैसी नागरिक अवसंरचना भी रणनीतिक भूमिका निभा सकती है।

Originally written on October 1, 2026 and last modified on October 1, 2026.

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