यूपी में खुली मिठाइयों पर अब ‘यूज-बाय’ तारीख अनिवार्य

यूपी में खुली मिठाइयों पर अब ‘यूज-बाय’ तारीख अनिवार्य

उत्तर प्रदेश में अब खुली मिठाइयों की बिक्री को लेकर नया नियम लागू होने जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने राज्य के मिठाई विक्रेताओं और निर्माण इकाइयों को 15 अक्टूबर 2026 से सभी मिठाइयों, खासकर खुली मिठाइयों पर ‘यूज-बाय’ तारीख प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को मिठाई की ताजगी और सुरक्षित सेवन अवधि के बारे में स्पष्ट जानकारी देना है।

खुली मिठाइयों पर पहली बार स्पष्ट समय-सीमा

अब तक पैक्ड खाद्य उत्पादों पर तो लेबलिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रहती थी, लेकिन खुली मिठाइयों के लिए ऐसी अनिवार्यता नहीं थी। नए आदेश के बाद दुकानों और निर्माण इकाइयों को यह बताना होगा कि कोई मिठाई कब तक सुरक्षित रूप से खाई जा सकती है। यह व्यवस्था खास तौर पर उन मिठाइयों के लिए अहम है जिनकी शेल्फ लाइफ बहुत अलग-अलग होती है।

कुछ मिठाइयाँ एक दिन में ही ताज़ा मानी जाती हैं, जबकि कुछ 30 दिन तक उपयोग योग्य रह सकती हैं। यह अवधि सामग्री, नमी और भंडारण की स्थिति पर निर्भर करती है। ऐसे में ‘यूज-बाय’ तारीख उपभोक्ता को सही निर्णय लेने में मदद करेगी और खाद्य सुरक्षा मानकों को भी मजबूत करेगी।

खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कदम

यह व्यवस्था खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के ढांचे से जुड़ी है, जो भारत में खाद्य मानकों, लेबलिंग, निरीक्षण और उपभोक्ता संरक्षण का मुख्य कानूनी आधार है। इसी कानून के तहत खाद्य व्यवसाय संचालकों पर स्वच्छता, सुरक्षित हैंडलिंग और सही जानकारी देने की जिम्मेदारी तय होती है।

उत्तर प्रदेश का यह कदम उपभोक्ता अधिकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खुली मिठाइयों की बिक्री बड़े पैमाने पर होती है, इसलिए उनकी ताजगी और सुरक्षित उपयोग अवधि को लेकर स्पष्टता लंबे समय से एक जरूरत मानी जा रही थी।

डेयरी इकाइयों के लिए भी सख्ती

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दूध और दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण में एथिलीन ग्लाइकॉल और डाइएथिलीन ग्लाइकॉल के उपयोग पर भी रोक लगाई है। ये दोनों रसायन विषैले औद्योगिक यौगिक हैं और खाद्य प्रसंस्करण में इनके इस्तेमाल की अनुमति नहीं होती।

इन रसायनों के भोजन या पेय पदार्थों में मिल जाने पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं। इसलिए डेयरी इकाइयों में कूलेंट के रूप में इनके उपयोग पर प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा नियंत्रण का एक अहम हिस्सा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 भारत में खाद्य नियमन का मुख्य कानून है।
  • उत्तर प्रदेश में खुली मिठाइयों पर ‘यूज-बाय’ तारीख दिखाना 15 अक्टूबर 2026 से अनिवार्य होगा।
  • खुली मिठाइयों के लिए पहले ऐसी अनिवार्य लेबलिंग व्यवस्था नहीं थी।
  • एथिलीन ग्लाइकॉल और डाइएथिलीन ग्लाइकॉल विषैले रसायन हैं और खाद्य प्रसंस्करण में इनके उपयोग पर रोक है।

इस फैसले से मिठाई बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय ताजगी को लेकर बेहतर जानकारी मिलेगी। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से यह कदम राज्य में निगरानी और मानकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

Originally written on September 28, 2026 and last modified on September 28, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *