आयुष्मान भारत की डिजिटल और स्वास्थ्य सुरक्षा यात्रा को नई गति

आयुष्मान भारत की डिजिटल और स्वास्थ्य सुरक्षा यात्रा को नई गति

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 25 सितंबर 2026 को आयोजित आरोग्य मंथन 2026 ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के आठ वर्ष और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के पाँच वर्ष पूरे होने का अवसर चिह्नित किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश की स्वास्थ्य सुरक्षा और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विभिन्न हितधारक शामिल हुए।

AB PM-JAY: कैशलेस इलाज का बड़ा आधार

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को एक केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य आश्वासन योजना के रूप में हुई थी। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों को द्वितीयक और तृतीयक स्तर के अस्पताल उपचार के लिए कैशलेस और पेपरलेस सुविधा देना है। यह योजना सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज की लागत को कम करने और गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बनाई गई थी।

सितंबर 2026 तक इस योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक लाभार्थी कवर किए जा चुके थे। अब तक 13 करोड़ से अधिक अस्पताल में भर्ती होने की घटनाएँ इस योजना के माध्यम से दर्ज की गई हैं, जबकि उपचार का कुल मूल्य 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। योजना का दायरा भी लगातार बढ़ाया गया है और अब 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, इसके दायरे में आते हैं।

ABDM ने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप दिया

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को 27 सितंबर 2021 को पूरे देश में शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य भारत में एक ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जिसमें मरीज के स्वास्थ्य रिकॉर्ड विभिन्न अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, बीमा प्रणालियों और डिजिटल स्वास्थ्य ऐप्स के बीच सुरक्षित और interoperable तरीके से जुड़े रह सकें।

1 सितंबर 2026 तक 97.8 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाए जा चुके थे। इसी अवधि तक 121 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड ABDM से जोड़े जा चुके थे। ABHA एक डिजिटल स्वास्थ्य पहचान है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एक लिंक्ड फॉर्मेट में सुरक्षित रख और जरूरत पड़ने पर एक्सेस कर सकता है।

आरोग्य मंथन 2026 में नई डिजिटल पहलें

इस अवसर पर स्वास्थ्य प्रशासन और दावों के निपटान को बेहतर बनाने के लिए कई डिजिटल उपकरण भी पेश किए गए। इनमें नेशनल हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स रजिस्ट्री (NHPR) मोबाइल ऐप, NHCX इम्प्लीमेंटेशन गाइड फॉर पेयर्स, मॉडल डिजिटल हेल्थ फैसिलिटी के लिए गाइडबुक, सिक्योर डेटा एनवायरनमेंट (SDE) एप्लिकेशन और AB PM-JAY के तहत दावों के ऑटो-अडजुडिकेशन का फ्रेमवर्क शामिल हैं।

सिक्योर डेटा एनवायरनमेंट को NHA ने भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के सहयोग से विकसित किया है। इसे स्वास्थ्य अनुसंधान, कार्यक्रम नियोजन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपयोगों के लिए डेटा सुरक्षा के साथ तैयार किया गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • AB PM-JAY की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत के तहत हुई थी।
  • ABDM को 27 सितंबर 2021 को राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया था।
  • ABHA का पूरा नाम आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट है।
  • NHA का अर्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण है, जो इन योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाता है।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पहचान

कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर को फ्रंटलाइन वर्कर लाभार्थियों के बीच सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड संतृप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला केंद्रशासित प्रदेश माना गया। वहीं छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात को AB PM-JAY के तहत अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी में दावा निपटान के लिए सराहा गया।

कुल मिलाकर, आरोग्य मंथन 2026 ने यह दिखाया कि भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था अब केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल पहचान, रिकॉर्ड प्रबंधन, दावों के तेज निपटान और डेटा-सुरक्षित अनुसंधान की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

Originally written on September 26, 2026 and last modified on September 26, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *