मैसूरु दशहरा में 3,473 ड्रोनों से बना विश्व रिकॉर्ड

मैसूरु दशहरा में 3,473 ड्रोनों से बना विश्व रिकॉर्ड

कर्नाटक के मैसूरु में दशहरा उत्सव के दौरान 18 अक्टूबर 2026 को 3,473 ड्रोनों से बने नाचते मोर ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाई। यह बहु-रोटर ड्रोन से आकाश में पक्षी की सबसे बड़ी आकृति बनाने का रिकॉर्ड है। प्रदर्शन बन्नीमंटप स्थित टॉर्चलाइट परेड मैदान में हुआ।

मोर की आकृति ने बनाया नया रिकॉर्ड

ड्रोन ने भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर की नृत्य करती आकृति बनाई। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी लंदन से इस प्रदर्शन का सत्यापन करने पहुंचे और प्रमाणपत्र कर्नाटक की चामुंडेश्वरी विद्युत आपूर्ति निगम लिमिटेड (सीईएससी) को सौंपा। कार्यक्रम का आयोजन सीईएससी और कर्नाटक सरकार के ऊर्जा विभाग ने किया, जबकि ड्रोन उड़ान का संचालन दिल्ली स्थित बॉटलैब डायनेमिक्स ने किया।

इस साल के प्रदर्शन में मोर के अलावा शेर, तितली, तिरंगा थामे सैनिक, देवी चामुंडेश्वरी, अंबारी हाथी, कर्नाटक का नक्शा, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र और भगवान शिव के साथ नंदी की आकृतियां भी दिखाई गईं। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल के भीतर 40 हजार से अधिक लोग मौजूद थे और बाहर लगभग 20 हजार लोग जुटे। कुल दर्शक संख्या 2025 के मुकाबले 154 प्रतिशत अधिक बताई गई।

दशहरा की परंपरा में तकनीक का नया रंग

मैसूरु दशहरा कर्नाटक का वार्षिक उत्सव है, जिसमें शाही जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रोशनी से सजे स्थल प्रमुख आकर्षण होते हैं। उत्सव की पहचान से जुड़े प्रतीकों को ड्रोन के जरिए आकाश में दिखाना परंपरा और आधुनिक तकनीक का मेल प्रस्तुत करता है। देवी चामुंडेश्वरी, अंबारी हाथी और कर्नाटक का नक्शा इस प्रस्तुति को स्थानीय सांस्कृतिक संदर्भ से जोड़ते हैं।

बॉटलैब डायनेमिक्स आईआईटी दिल्ली से जुड़ा एक नवाचार उद्यम है और लगातार पांच वर्षों से मैसूरु दशहरा में ड्रोन शो कर रहा है। कंपनी ने 2025 में 2,983 ड्रोनों से उछलते हुए बाघ की आकृति बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का खिताब हासिल किया था। 2026 की मोर आकृति में उससे 490 अधिक ड्रोन शामिल हुए। इस वर्ष के शो 17, 20 और 21 अक्टूबर को भी निर्धारित थे।

ड्रोन शो में आकृतियां कैसे बनती हैं

ऐसे प्रदर्शन में विशेष सॉफ्टवेयर हर ड्रोन के लिए अलग स्थान और उड़ान-पथ तय करता है। फिर ड्रोन तय समय और दिशा में समन्वय के साथ चलते हैं। उन पर लगी रंगीन बत्तियां बदलकर अलग-अलग रंग और पैटर्न बनाती हैं। इस तरह खुले आकाश में बड़ी आकृतियां प्रदर्शित की जा सकती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • रिकॉर्ड 3,473 बहु-रोटर ड्रोनों से पक्षी की सबसे बड़ी हवाई आकृति बनाने के लिए दर्ज हुआ।
  • भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है।
  • बॉटलैब डायनेमिक्स आईआईटी दिल्ली से जुड़ा उद्यम है।
  • 2025 के मैसूरु दशहरा ड्रोन शो में 2,983 ड्रोनों से उछलते बाघ की आकृति बनाई गई थी।

मैसूरु दशहरा का यह प्रदर्शन सांस्कृतिक प्रतीकों को नई तकनीक के माध्यम से बड़े दर्शक-वर्ग तक पहुंचाने का उदाहरण है।

Originally written on October 24, 2026 and last modified on October 24, 2026.

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