पवानी पसुमर्थी को कुचिपुड़ी संगीत के लिए युवा पुरस्कार

पवानी पसुमर्थी को कुचिपुड़ी संगीत के लिए युवा पुरस्कार

आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय की कर्नाटक संगीत की प्राध्यापक पवानी पसुमर्थी को कुचिपुड़ी संगीत में योगदान के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संगीत नाटक अकादमी ने 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के रवींद्र भवन में पुरस्कार समारोह आयोजित किया। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया।

कुचिपुड़ी संगीत में योगदान की पहचान

पवानी पसुमर्थी आंध्र प्रदेश स्थित आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय में कर्नाटक संगीत की प्राध्यापक हैं। उन्हें दिया गया सम्मान कुचिपुड़ी संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करता है। कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश से जुड़ा शास्त्रीय नृत्य है, जिसमें नृत्य के साथ संगीत और नाटकीय अभिव्यक्ति भी शामिल होती है। इस कला परंपरा में संगीत प्रस्तुति का महत्वपूर्ण स्थान है।

कर्नाटक संगीत दक्षिण भारत की शास्त्रीय संगीत परंपरा है। इसका गायन और वाद्य, दोनों रूपों में प्रस्तुतीकरण होता है। कुचिपुड़ी जैसी प्रदर्शन कलाओं में संगीत, नृत्य और अभिनय का मेल दर्शकों तक कथा और भाव पहुंचाने में मदद करता है। पसुमर्थी का सम्मान इसी सांगीतिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है।

युवा कलाकारों के लिए राष्ट्रीय सम्मान

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार भारतीय संगीत, नृत्य और अन्य प्रदर्शन कलाओं में प्रतिभा तथा संभावनाओं के लिए युवा कलाकारों को दिया जाता है। इसके लिए 40 वर्ष तक की आयु के कलाकार पात्र होते हैं। वर्ष 2024 और 2025 के पुरस्कारों के लिए आयोजित समारोह में कुल 106 युवा कलाकारों को सम्मानित किया गया।

प्रत्येक पुरस्कार के साथ 25,000 रुपये की नकद राशि, ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम दिया जाता है। इस पुरस्कार का नाम शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के सम्मान में रखा गया है। उन्हें वर्ष 2001 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

संगीत नाटक अकादमी की भूमिका

संगीत नाटक अकादमी भारत की संगीत, नृत्य और नाटक संबंधी राष्ट्रीय अकादमी है। इसकी स्थापना 1953 में हुई थी और यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है। अकादमी के पुरस्कार प्रदर्शन कलाओं में कलाकारों के योगदान को सम्मानित करते हैं। युवा पुरस्कार नई पीढ़ी के कलाकारों की उपलब्धियों और उनकी कला-साधना को पहचान देने का माध्यम है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • उस्ताद बिस्मिल्लाह खान शहनाई वादक थे और उन्हें 2001 में भारत रत्न मिला था।
  • संगीत नाटक अकादमी की स्थापना 1953 में हुई थी।
  • कुचिपुड़ी का नाम आंध्र प्रदेश के कुचिपुड़ी गांव से जुड़ा है।
  • उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार में 25,000 रुपये, ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम दिए जाते हैं।

पवानी पसुमर्थी को मिला यह सम्मान कुचिपुड़ी संगीत और उससे जुड़ी प्रदर्शन कला परंपरा में उनके योगदान को राष्ट्रीय पहचान देता है।

Originally written on October 24, 2026 and last modified on October 24, 2026.

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