मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में एनपीएस से ओपीएस प्रक्रिया स्पष्ट

मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में एनपीएस से ओपीएस प्रक्रिया स्पष्ट

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (सीपीएओ) ने 19 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में पेंशन मामलों के स्थानांतरण के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया जारी की। यह प्रक्रिया मृत्यु या दिव्यांगता से जुड़े पात्र सरकारी कर्मचारियों के मामलों पर लागू होती है; यह सभी एनपीएस अंशधारकों के लिए ओपीएस में जाने का सामान्य विकल्प नहीं है।

एनपीएस और ओपीएस में अंतर

एनपीएस अंशदान-आधारित पेंशन व्यवस्था है। यह सशस्त्र बलों को छोड़कर, 1 जनवरी 2004 से केंद्र सरकार की सेवा में आने वाले अधिकांश कर्मचारियों पर लागू हुई। वर्ष 2009 में इसे सभी भारतीय नागरिकों के लिए भी खोला गया। इसके विपरीत, ओपीएस परिभाषित लाभ वाली पेंशन व्यवस्था है। संशोधित प्रक्रिया का उद्देश्य निर्धारित पात्रता वाले मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में पेंशन संबंधी कार्रवाई को स्पष्ट करना है।

नए पेंशन आदेश और जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया

संशोधित दिशा-निर्देश 17 सितंबर 2025 को जारी निर्देशों का स्थान लेते हैं। पात्र लाभार्थी को नया नियमित पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) मिलने पर बैंक में पहले जारी अस्थायी पेंशन भुगतान आदेश (पीपीपीओ) जमा करना होगा। नए पीपीओ को तैयार करने की जिम्मेदारी पेंशनभोगी या पारिवारिक पेंशनभोगी की नहीं होगी; संबंधित सरकारी कार्यालय और पेंशन प्राधिकरण इसे तैयार करेंगे।

पेंशन पाने वालों को मौजूदा नियमों के अनुसार हर वर्ष नवंबर में अपने बैंक में जीवन प्रमाणपत्र जमा करना जारी रखना होगा। यह प्रमाणपत्र पेंशन भुगतान जारी रखने के लिए आवश्यक है। संशोधित प्रक्रिया में पीपीओ बदलने की व्यवस्था और जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की नियमित आवश्यकता अलग-अलग प्रावधान हैं।

जम्मू-कश्मीर में अलग विकल्प अवधि

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कुछ सरकारी कर्मचारियों के लिए ओपीएस चुनने की एकमुश्त अवधि 28 दिसंबर 2026 तक खोली है। यह सुविधा उन कर्मचारियों से संबंधित है जिनके पदों के लिए विज्ञापन एनपीएस लागू होने से पहले निकाला गया था, लेकिन उन्होंने 1 जनवरी 2010 या उसके बाद सेवा शुरू की। यह राज्य की अलग व्यवस्था है और सीपीएओ की संशोधित प्रक्रिया से इसे अलग समझना चाहिए।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (सीपीएओ), वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
  • संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 के कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से जारी हुई।
  • पात्र मामलों में नया नियमित पीपीओ मिलने पर पुराना अस्थायी पीपीपीओ बैंक में जमा करना होता है।
  • जम्मू-कश्मीर में ओपीएस चुनने की एकमुश्त अवधि 28 दिसंबर 2026 को समाप्त होगी।

यह संशोधन मृत्यु या दिव्यांगता से जुड़े पात्र मामलों में पेंशन प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट करता है। लाभार्थियों के लिए नए पीपीओ और नवंबर में जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की आवश्यकताओं पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

Originally written on October 23, 2026 and last modified on October 23, 2026.

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