मिश्रित 4×400 मीटर रिले में भारत ने रजत से बढ़ाई एशियाई पहचान
भारत ने जापान के आइची-नागोया में 24 सितंबर 2026 को हुए एशियन गेम्स में मिश्रित 4×400 मीटर रिले में रजत पदक जीता। नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारतीय टीम ने फाइनल 3:14.46 के समय के साथ पूरा किया। यह प्रदर्शन भारत के लिए इस स्पर्धा में लगातार तीसरा एशियाई पदक भी साबित हुआ।
फाइनल में भारत का संयोजन और प्रदर्शन
भारतीय क्वार्टर में मचेत्तिरा पूवम्मा, विशाल थन्नारसु, विध्या रामराज और थेक्किनालिल मनु शामिल थे, जिन्हें मनु टीएस के नाम से भी जाना जाता है। फाइनल के लिए टीम में जय कुमार और किरन पहल की जगह विशाल टीके और विध्या रामराज को शामिल किया गया।
भारत ने पूरे रेस में मजबूत तालमेल दिखाया, लेकिन बहरीन की टीम 3:12.87 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। बहरीन ने इस स्पर्धा में नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।
मिश्रित 4×400 मीटर रिले क्यों खास है
मिश्रित 4×400 मीटर रिले एथलेटिक्स की एक ऐसी स्पर्धा है जिसमें दो पुरुष और दो महिला धावक एक-एक लैप, यानी 400-400 मीटर दौड़ते हैं। यह इवेंट बड़े बहु-खेल आयोजनों में शामिल रहता है, जिनमें एशियन गेम्स और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप प्रमुख हैं।
इस स्पर्धा की खासियत टीम संयोजन, गति और रणनीति का संतुलन है। किस क्रम में पुरुष और महिला धावक उतरेंगे, यह भी रेस के नतीजे को प्रभावित कर सकता है।
भारत के लिए लगातार पदक का सिलसिला
भारत ने इस इवेंट में अपना पदक-क्रम जारी रखा है। 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में रजत मिला था। अब 2026 में भी भारत ने रजत जीतकर इस स्पर्धा में अपनी निरंतरता दिखाई है।
इस फाइनल में वियतनाम ने 3:14.54 के समय के साथ कांस्य पदक जीता और भारत से केवल 0.08 सेकंड पीछे रहा। इतने कम अंतर ने यह भी दिखाया कि इस रेस में हर सेकंड और हर बदलाव कितना अहम होता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मिश्रित 4×400 मीटर रिले में एक टीम में दो पुरुष और दो महिला धावक होते हैं।
- यह स्पर्धा एशियन गेम्स और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजनों का हिस्सा है।
- भारत ने इस इवेंट में 2018 में स्वर्ण, 2023 में रजत और 2026 में फिर रजत पदक जीता।
- 2026 एशियन गेम्स फाइनल में बहरीन ने 3:12.87 के साथ नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
भारत का यह रजत पदक बताता है कि मिश्रित रिले में देश की पकड़ लगातार मजबूत बनी हुई है। टीम ने दबाव वाले फाइनल में प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन कर एशियाई स्तर पर अपनी उपस्थिति फिर दर्ज कराई।