महाराष्ट्र में 25,400 मेगावाट परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं
महाराष्ट्र सरकार ने 19 मई 2026 को चार बड़ी कंपनियों के साथ परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। मुंबई स्थित मंत्रालय में घोषित इन समझौतों के तहत कुल 25,400 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इस पहल में एनटीपीसी लिमिटेड, अडानी पावर लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और ललितपुर पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।
भारत में परमाणु ऊर्जा का महत्व
परमाणु ऊर्जा वह बिजली है जो परमाणु विखंडन प्रक्रिया से उत्पन्न होती है। इसमें मुख्य रूप से यूरेनियम आधारित रिएक्टरों का उपयोग किया जाता है। भारत में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का संचालन परमाणु ऊर्जा विभाग और न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के माध्यम से किया जाता है। यह क्षेत्र देश की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
परियोजनाओं की क्षमता और निवेश
इन परियोजनाओं में लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है। अडानी पावर लिमिटेड रत्नागिरी के बारसू में 6,000 मेगावाट क्षमता का संयंत्र स्थापित करेगी, जिसमें लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड रत्नागिरी के पूर्णागढ़ में भारत स्मॉल रिएक्टर या स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर आधारित 7,200 मेगावाट परियोजना पर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। एनटीपीसी लिमिटेड 7,200 मेगावाट क्षमता के लिए 1 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी, जबकि ललितपुर पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड 5,000 मेगावाट क्षमता के लिए लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
रोजगार और नई तकनीक
इन परियोजनाओं से महाराष्ट्र में लगभग 1.23 लाख रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है। अडानी पावर के प्रोजेक्ट से लगभग 12 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां मिल सकती हैं। एनटीपीसी करीब 5 हजार रोजगार अवसर उपलब्ध कराने का अनुमान लगा रही है, जबकि ललितपुर पावर जेनरेशन कंपनी लगभग 3 हजार नौकरियां पैदा कर सकती है। स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर यानी एसएमआर छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर होते हैं, जिन्हें मॉड्यूलर तकनीक के आधार पर विकसित किया जाता है। इन्हें पारंपरिक बड़े परमाणु संयंत्रों की तुलना में अधिक लचीला और कम लागत वाला माना जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” मंत्रालय मुंबई में महाराष्ट्र सरकार का प्रशासनिक मुख्यालय है। ” रत्नागिरी महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र का एक तटीय जिला है। ” स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर को संक्षेप में एसएमआर कहा जाता है। ” भारत का परमाणु ऊर्जा क्षेत्र परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन संचालित होता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन समझौतों को भारत के ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों से जोड़ा है। केंद्र सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा क्षमता विस्तार पर लगातार जोर दे रही है। ऐसे में महाराष्ट्र की ये परियोजनाएं भारत को ऊर्जा समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।