मदुरै मीनाक्षी मंदिर में 17 साल बाद महाकुंभाभिषेक, आस्था और विरासत का संगम
तमिलनाडु के मदुरै स्थित श्री मीनाक्षी सुंदरेश्वरर मंदिर में 17 सितंबर 2026 को 17 साल बाद महाकुंभाभिषेक संपन्न हुआ। इससे पहले इस मंदिर में अप्रैल 2009 में कुंभाभिषेक हुआ था। प्रातः लगभग 7:40 बजे मुख्य अनुष्ठान शुरू हुए, इसके बाद 7:55 बजे अम्मन मूलस्थानम और 8:10 बजे सुंदरेश्वरर मूलस्थानम में विधियां संपन्न की गईं।
क्यों खास है यह आयोजन
कुंभाभिषेक हिंदू मंदिरों में होने वाला एक महत्वपूर्ण पुनः-प्रतिष्ठा और शुद्धिकरण अनुष्ठान है, जो आमतौर पर जीर्णोद्धार, पुनर्निर्माण या नियमित धार्मिक नवीनीकरण के बाद किया जाता है। इस प्रक्रिया में मंदिर के कलशों और विमानों पर पवित्र जल अर्पित किया जाता है। मीनाक्षी मंदिर में मुख्य विधि के दौरान स्वर्णिम विमानों पर पवित्र जल डाला गया, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।
मंदिर की स्थापत्य और सांस्कृतिक पहचान
श्री मीनाक्षी सुंदरेश्वरर मंदिर मदुरै का प्रमुख द्रविड़ स्थापत्य परिसर है। यह अपने विशाल गोपुरम, मंडपम, प्राकार और गर्भगृह संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है। परिसर में देवी मीनाक्षी को समर्पित अम्मन मंदिर और भगवान शिव को समर्पित सुंदरेश्वरर मंदिर स्थित हैं। इनमें वीरवसंतराय मंडपम भी एक महत्वपूर्ण संरचना है, जो मंदिर की ऐतिहासिक और कलात्मक विरासत का अहम हिस्सा माना जाता है।
मरम्मत, पुनर्स्थापन और प्रशासनिक तैयारियां
कुंभाभिषेक से पहले मंदिर परिसर में व्यापक मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्य किए गए। कुल 186 परियोजनाओं के तहत गोपुरम, मंडपम, प्राकार और गर्भगृह संरचनाओं की मरम्मत पूरी की गई। यह कार्य 10 सितंबर 2026 तक पूरा हुआ और इसकी कुल लागत 32.29 करोड़ रुपये रही। फरवरी 2018 में लगी आग से वीरवसंतराय मंडपम को नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद 79 नक्काशीदार काले ग्रेनाइट स्तंभों की मदद से इसका पुनर्निर्माण किया गया। इस पुनर्स्थापित मंडपम का उद्घाटन 30 अगस्त 2026 को किया गया था।
भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
महाकुंभाभिषेक के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। सुरक्षा के लिए लगभग 6,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। साथ ही 5 अस्थायी बस टर्मिनल, 72 पार्किंग क्षेत्र, 54 चिकित्सा शिविर और सार्वजनिक दर्शन के लिए 53 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए। 17 सितंबर से 20 सितंबर 2026 तक नि:शुल्क दर्शन की अनुमति दी गई और लगभग 50,000 श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। पूरे परिसर को लगभग पांच टन फूलों की मालाओं से सजाया गया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- श्री मीनाक्षी सुंदरेश्वरर मंदिर तमिलनाडु के मदुरै शहर में स्थित है।
- कुंभाभिषेक हिंदू मंदिरों में होने वाला एक प्रमुख धार्मिक शुद्धिकरण और पुनः-प्रतिष्ठा अनुष्ठान है।
- इस मंदिर का पिछला कुंभाभिषेक अप्रैल 2009 में हुआ था।
- मंदिर परिसर में गोपुरम, मंडपम, प्राकार और गर्भगृह जैसी द्रविड़ स्थापत्य विशेषताएं मिलती हैं।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय मंदिर परंपरा, स्थापत्य संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का भी प्रतीक है। लंबे अंतराल के बाद हुए इस महाकुंभाभिषेक ने मीनाक्षी मंदिर की ऐतिहासिक गरिमा को फिर से केंद्र में ला दिया है।