भारत-बेल्जियम साझेदारी में ऊर्जा, रक्षा और सेमीकंडक्टर सहयोग को नई गति

भारत-बेल्जियम साझेदारी में ऊर्जा, रक्षा और सेमीकंडक्टर सहयोग को नई गति

नई दिल्ली में 2 और 3 सितंबर 2026 को भारत और बेल्जियम के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई अहम समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डे वेवर की बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा-औद्योगिक सहयोग, प्रवासन और गतिशीलता, सेमीकंडक्टर तथा महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।

स्वच्छ ऊर्जा और व्यापार बढ़ाने पर फोकस

नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग पर नवीकृत समझौता ज्ञापन भारत और बेल्जियम के बीच हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, अपतटीय पवन ऊर्जा और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं में तकनीकी और नीतिगत सहयोग का रास्ता खोलता है। यह सहयोग दोनों देशों को कम-कार्बन ऊर्जा प्रणालियों की दिशा में अनुभव साझा करने और परियोजना विकास में मदद करने का ढांचा देता है।

इसी बातचीत में दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का संयुक्त लक्ष्य भी रखा। यह संकेत है कि ऊर्जा के साथ-साथ व्यापारिक रिश्तों को भी नई रफ्तार देने की कोशिश की जा रही है।

रक्षा उद्योग में तकनीक और निर्माण का मेल

2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकेन ने रक्षा-औद्योगिक समझौतों और अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के तहत बेल्जियम की तकनीक और भारत की विनिर्माण क्षमता को जोड़कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

इस सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण ज़ोरावर लाइट टैंक परियोजना है, जिसमें स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने की संभावना जुड़ी है। दोनों पक्षों ने सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। साथ ही, बेल्जियम के फ्रिगेट LEOPOLD I की 5 से 8 नवंबर 2026 के बीच भारत यात्रा का स्वागत किया गया, जो समुद्री सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रवासन, सेमीकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिजों पर नई पहल

भारत और बेल्जियम जल्द ही एक प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में हैं। ऐसे समझौते आम तौर पर पेशेवरों, छात्रों, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक प्रतिभा के आवागमन को सरल बनाने में मदद करते हैं।

दोनों देशों ने बेल्जियम के IMEC संस्थान को भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति जताई। इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण में संयुक्त काम करने की योजना है। ये खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा प्रणालियों और रणनीतिक उद्योगों के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत और बेल्जियम की द्विपक्षीय वार्ता 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई।
  • बार्ट डे वेवर की यह यात्रा दो दशकों में किसी बेल्जियम प्रधानमंत्री की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी।
  • IMEC बेल्जियम स्थित एक प्रमुख सेमीकंडक्टर अनुसंधान एवं विकास संस्थान है।
  • ज़ोरावर लाइट टैंक भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण परियोजना से जुड़ा हल्का टैंक है।

इन समझौतों से साफ है कि भारत और बेल्जियम अब पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा उत्पादन, उच्च तकनीक और रणनीतिक संसाधनों के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में काम कर रहे हैं।

Originally written on September 3, 2026 and last modified on September 3, 2026.

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