भारत-चेक रक्षा साझेदारी से ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बल
भारत और चेक गणराज्य ने रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चेक गणराज्य के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं उद्योग और व्यापार मंत्री कारेल हवलीचेक की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहलों को आगे बढ़ाना है।
संयुक्त रक्षा समिति के दायरे में बढ़ेगा सहयोग
दोनों मंत्रियों ने मौजूदा रक्षा औद्योगिक सहयोग की समीक्षा की और दोनों देशों की कंपनियों के बीच जारी संयुक्त उपक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति के तहत सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जताई। यह समिति द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर चर्चा के लिए दोनों देशों का संस्थागत मंच है।
बैठक में शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार हुआ। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अधिक सहयोग की आवश्यकता स्वीकार की। भारत और चेक गणराज्य के संबंध ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ-साथ आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित हैं।
रक्षा विनिर्माण और उद्योगों के लिए अवसर
रक्षा उद्योग में साझेदारी का विस्तार संयुक्त उपक्रमों और कंपनियों के बीच संपर्क के जरिए हो सकता है। भारत के लिए ऐसे सहयोग का महत्व देश में विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने से जुड़ा है। ‘मेक इन इंडिया’ की शुरुआत सितंबर 2014 में विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देने के लिए हुई थी। मई 2020 में घोषित ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों में देश की आत्मनिर्भरता मजबूत करना है, जिसमें रक्षा क्षेत्र भी शामिल है।
हवलीचेक की चार दिवसीय भारत यात्रा में मंत्रालयों, व्यापार प्रतिनिधियों और कारोबारियों के साथ बैठकें शामिल हैं। वे बेंगलुरु और मुंबई में औद्योगिक इकाइयों का दौरा भी करेंगे। इससे दोनों देशों के उद्योगों को संभावित सहयोग के अवसरों पर चर्चा करने का मंच मिलेगा।
प्राग में रक्षा उद्योग संवाद की तैयारी
सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेन्स मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) 20 अक्टूबर 2026 को प्राग जाने वाले भारतीय रक्षा उद्योग प्रतिनिधिमंडल का आयोजन कर रही है। प्रतिनिधिमंडल ‘भारत-चेक रक्षा औद्योगिक सहयोग संगोष्ठी’ में भाग लेगा। यह कार्यक्रम रक्षा और सुरक्षा प्रदर्शनी ‘फ्यूचर फोर्सेज फोरम 2026’ के साथ आयोजित होना निर्धारित है। नई दिल्ली में हुई सहमति के बाद यह आयोजन दोनों देशों के उद्योगों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर बन सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ‘मेक इन इंडिया’ पहल सितंबर 2014 में शुरू की गई थी।
- ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की घोषणा मई 2020 में हुई थी।
- चेक गणराज्य 1999 में नाटो और 2004 में यूरोपीय संघ का सदस्य बना।
- भारत-चेक रक्षा औद्योगिक सहयोग पर चर्चा का द्विपक्षीय मंच भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति है।
रक्षा उद्योग में बढ़ता भारत-चेक सहयोग विनिर्माण, संयुक्त उपक्रमों और संस्थागत संवाद को जोड़ता है। इसका आगे का प्रभाव दोनों देशों के उद्योगों की भागीदारी और प्रस्तावित चर्चाओं पर निर्भर करेगा।