एफडब्ल्यूडी सुप्रीम: भारत के स्वायत्त लड़ाकू विमान कार्यक्रम की नई पहल
बेंगलुरु की फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एफडब्ल्यूडी सुप्रीम का पूर्ण आकार का स्थिर प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया। कंपनी इसे निगरानी, हमला और अन्य विमानों के साथ समन्वित अभियानों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वायत्त लड़ाकू विमान कार्यक्रम बता रही है।
दो आकारों में विकसित होगा कार्यक्रम
एफडब्ल्यूडी सुप्रीम की दो प्रस्तावित किस्में हैं—सुप्रीम हेवी और सुप्रीम लाइट। हेवी का वजन एक से डेढ़ टन वर्ग में रखने की योजना है, जबकि लाइट 250 किलोग्राम का तकनीकी प्रदर्शन विमान है। कंपनी के अनुसार, लाइट किस्म के टैक्सी परीक्षण पूरे हो चुके हैं। टैक्सी परीक्षण में विमान जमीन पर चलते हुए अपनी प्रणालियों और संचालन की जांच करता है; यह उड़ान परीक्षण के समान नहीं है।
सुप्रीम हेवी के लिए लगभग 350 किलोग्राम भार क्षमता, मैक 0.8 से 0.85 की अधिकतम गति और 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे की परिभ्रमण गति प्रस्तावित है। इसकी नियोजित दूरी 1,500 किलोमीटर से अधिक और उड़ान अवधि दो घंटे से ज्यादा बताई गई है। इसमें दो इंजन, कुल पांच किलो न्यूटन प्रणोदन और आंतरिक हथियार कक्ष रखने का प्रस्ताव है। ये सभी डिजाइन लक्ष्य हैं, प्रमाणित परिचालन क्षमता नहीं।
स्वदेशी प्रणोदन और समन्वित संचालन की योजना
कंपनी ने कहा है कि विमान में अधिकांश सामग्री और तकनीक स्वदेशी रखने का लक्ष्य है। वह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के ‘माणिक’ इंजन के उपयोग की संभावना तलाश रही है। कंपनी के अनुमान के मुताबिक, इस इंजन के साथ स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत तक और इसके बिना लगभग 60 प्रतिशत हो सकती है। विमान को मानव-संचालित रूप में विकसित करने का विकल्प भी रखा गया है।
कार्यक्रम में ‘मॉबिंग सिद्धांत’ के तहत कई कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सक्षम विमानों के एक साथ काम करने की कल्पना है। ऐसे विमान सूचनाएं साझा कर सकेंगे और वास्तविक समय में समन्वित निर्णय ले सकेंगे। उपग्रह नेविगेशन या इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के कारण संकेत बाधित होने पर दृश्य ओडोमेट्री उपयोगी हो सकती है। इसमें विमान के कैमरे से ली गई लगातार तस्वीरों का विश्लेषण कर उसकी स्थिति और गति का अनुमान लगाया जाता है। कंपनी ने क्वांटम तकनीक और डेटा एन्क्रिप्शन पर भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के साथ साझेदारी भी की है।
विकास लागत और कार्यक्रम की स्थिति
कंपनी ने एफडब्ल्यूडी सुप्रीम के विकास की अनुमानित लागत 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर बताई है, जिसमें हल्के संस्करण के लिए एक करोड़ डॉलर शामिल हैं। संस्थापक के अनुसार, लाइट कार्यक्रम के लिए 70 लाख डॉलर जुटाए गए हैं और निजी निवेश की तलाश जारी है। प्रोटोटाइप का प्रदर्शन अपने आप में सरकारी खरीद समझौते या विमान के उड़ान परीक्षण पूरे होने का प्रमाण नहीं है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन भारत की रक्षा अनुसंधान और विकास एजेंसी है।
- सैन्य विमानों और प्रणालियों की उड़ान योग्यता के प्रमाणीकरण से सैन्य वायुयान योग्यता एवं प्रमाणन केंद्र जुड़ा है।
- दृश्य ओडोमेट्री कैमरे से ली गई लगातार तस्वीरों के आधार पर गति और स्थिति का अनुमान लगाती है।
- काल भैरव, एफडब्ल्यूडी द्वारा विकसित एक अलग कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सक्षम मध्यम ऊंचाई, लंबी अवधि का स्वायत्त लड़ाकू विमान कार्यक्रम है।
एफडब्ल्यूडी सुप्रीम की वास्तविक क्षमता का आकलन आगे के परीक्षणों और प्रमाणन के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल इसका प्रदर्शन स्वदेशी स्वायत्त विमान विकास की दिशा में कंपनी की प्रस्तावित तकनीक और योजना को सामने लाता है।