भारत का पहला इक्वाइन डिज़ीज़-फ्री कॉम्पार्टमेंट (EDFC): वैश्विक मान्यता और पशु स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

भारत का पहला इक्वाइन डिज़ीज़-फ्री कॉम्पार्टमेंट (EDFC): वैश्विक मान्यता और पशु स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि

भारत ने अपने पशु स्वास्थ्य तंत्र और अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुगमता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। 3 जुलाई 2025 को वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ (WOAH) द्वारा भारत के पहले इक्वाइन डिज़ीज़-फ्री कॉम्पार्टमेंट (EDFC) को आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई। यह इकाई उत्तर प्रदेश के मेरठ कैंटोनमेंट स्थित रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स (RVC) सेंटर एंड कॉलेज में स्थापित की गई है।

EDFC क्या है?

EDFC एक वैज्ञानिक रूप से प्रबंधित, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्षेत्र है, जहाँ विशेष इक्वाइन बीमारियों से मुक्त घोड़े रखे जाते हैं। यह ज़ोन भारत को वैश्विक इक्वेस्ट्रियन स्पर्धाओं और उच्च-मूल्य घोड़ा व्यापार में भाग लेने के लिए योग्य बनाता है।

प्रमुख विशेषताएँ

  • स्थान: RVC सेंटर एंड कॉलेज, मेरठ कैंटोनमेंट, उत्तर प्रदेश
  • मान्यता प्राप्त संस्थान: वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ (WOAH)
  • स्थापना के अधीन: मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार

रोग-मुक्त स्थिति

  • आधिकारिक रूप से इन बीमारियों से मुक्त घोषित:

    • इक्वाइन इन्फ्लुएंजा
    • ग्लैंडर्स
    • सुर्रा
    • इक्वाइन पाइरोप्लास्मोसिस
    • इक्वाइन इंफेक्शियस एनीमिया
  • भारत 2014 से अफ्रीकन हॉर्स सिकनेस से भी मुक्त है।

बायो-सुरक्षा और संचालन प्रणाली

  • सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs): जिसमें स्वच्छता, कीट नियंत्रण, पशु स्वास्थ्य निगरानी, कचरा प्रबंधन और संक्रमण रोकथाम शामिल हैं।
  • 24×7 पशु स्वास्थ्य निगरानी: संक्रमण की शीघ्र पहचान और नियंत्रण सुनिश्चित किया गया है।
  • WOAH के टेरेस्ट्रियल एनिमल हेल्थ कोड का पूर्ण पालन।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • यह भारत का पहला EDFC है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है।
  • यह सुविधा भारतीय खेल घोड़ों के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और निर्यात को बढ़ावा देगी।
  • भारत अब इसी मॉडल को पोल्ट्री सेक्टर में भी अपना रहा है, जहाँ HPAI (Highly Pathogenic Avian Influenza) मुक्त इकाइयाँ तैयार की जा रही हैं।

देश को होने वाले लाभ

  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि: भारतीय खेल घोड़े अब वैश्विक मानकों के अनुरूप निर्यात किए जा सकेंगे।
  • इक्वेस्ट्रियन खेलों को बढ़ावा: भारतीय घोड़े और राइडर्स अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे।
  • पशु स्वास्थ्य प्रणाली का सुदृढ़ीकरण: यह भारत के विज्ञान-आधारित पशु प्रबंधन और जैव-सुरक्षा प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

निष्कर्ष

मेरठ में स्थापित भारत का पहला EDFC केवल एक पशु चिकित्सा सुविधा नहीं, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारत की वैज्ञानिक क्षमता, जैव-सुरक्षा प्रतिबद्धता और निर्यात-सक्षम पशुपालन प्रणाली की एक मजबूत पहचान है। यह न केवल इक्वेस्ट्रियन खेलों को नया आयाम देगा, बल्कि अन्य पशुपालन क्षेत्रों में भी वैश्विक मानकों के अनुरूप विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Originally written on July 7, 2025 and last modified on July 7, 2025.

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