बोधन सिवानंदन बनीं शतरंज इतिहास की सबसे युवा महिला आईएम
23 अक्टूबर 2026 को 11 वर्षीय बोधन सिवानंदन ने शतरंज में इतिहास रचते हुए सबसे कम उम्र की महिला इंटरनेशनल मास्टर (आईएम) बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने मोंटेनेग्रो के बुदवा में आयोजित यूरोपीय क्लब कप के अंतिम दौर में स्वीडन की महिला इंटरनेशनल मास्टर विक्टोरिया योहानसन को हराकर उपाधि के लिए जरूरी तीसरा और अंतिम मानक हासिल किया।
यूरोपीय क्लब कप में निर्णायक प्रदर्शन
बोधन की उम्र उपलब्धि के समय 11 वर्ष, सात महीने और 16 दिन थी। वह ‘शी प्लेज़ टू विन लायनेस ए’ टीम की ओर से खेल रही थीं। टूर्नामेंट में उन्होंने सात मुकाबलों से 5.5 अंक जुटाए और 2,465 की प्रदर्शन रेटिंग दर्ज की। अंतिम दौर की जीत ने उनका तीसरा आईएम मानक पूरा कराया और उपाधि की राह खोल दी।
शतरंज में मानक हासिल करना केवल अच्छे परिणाम पर निर्भर नहीं करता। प्रतियोगिता को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं और खिलाड़ी के विरोधियों की रेटिंग तथा उपाधियों का स्तर भी देखा जाता है। बोधन इससे पहले आईएम मानक हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की लड़की बनी थीं। यूरोपीय क्लब कप में उन्होंने उपाधि के लिए अंतिम जरूरी शर्त पूरी की।
आईएम उपाधि और इसकी पात्रता
इंटरनेशनल मास्टर शतरंज की प्रमुख खुली उपाधियों में से एक है और यह ग्रैंडमास्टर से नीचे आती है। दोनों उपाधियां महिला और पुरुष खिलाड़ियों के लिए खुली हैं। इसके अलावा महिला इंटरनेशनल मास्टर और महिला ग्रैंडमास्टर अलग महिला उपाधियां हैं। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ, जिसे सामान्यतः फिडे कहा जाता है, अपने नियमों के तहत ये उपाधियां प्रदान करता है।
आईएम बनने के लिए सामान्यतः खिलाड़ी को तीन मानक हासिल करने और कम-से-कम 2,400 की रेटिंग तक पहुंचने की जरूरत होती है। मानक किसी पात्र प्रतियोगिता में खिलाड़ी के प्रदर्शन से जुड़ा होता है। इस व्यवस्था के कारण उपाधि के लिए लगातार मजबूत खेल के साथ-साथ निर्धारित प्रतियोगिता शर्तें पूरी करना भी जरूरी है।
महिला शतरंज के रिकॉर्ड में नया अध्याय
बोधन ने हंगरी की जूडिट पोलगार का रिकॉर्ड तोड़ा। पोलगार ने 1988 में 12 वर्ष की उम्र में आईएम उपाधि हासिल की थी। बोधन की उपलब्धि के समय वह किसी भी लिंग के खिलाड़ियों की उम्र-आधारित सूची में सातवीं सबसे कम उम्र की आईएम थीं। इस सूची में वह डी. गुकेश से आगे और जावोखिर सिंदारोव के बाद थीं।
यह बोधन के लिए 2026 की दूसरी बड़ी उपलब्धि भी है। इसी वर्ष वह सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर और सबसे कम उम्र की ब्रिटिश महिला शतरंज चैंपियन बनी थीं। 2025 में उन्होंने ग्रैंडमास्टर को हराने वाली सबसे कम उम्र की लड़की का रिकॉर्ड बनाया था। वह ब्रिटिश शतरंज टीम का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनकी पारिवारिक जड़ें भारत से जुड़ी हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
:
- फिडे अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ का प्रचलित संक्षिप्त नाम है।
- ग्रैंडमास्टर और इंटरनेशनल मास्टर खुली शतरंज उपाधियां हैं।
- महिला ग्रैंडमास्टर और महिला इंटरनेशनल मास्टर अलग महिला उपाधियां हैं।
- यूरोपीय क्लब कप एक टीम शतरंज प्रतियोगिता है; 2026 का आयोजन बुदवा, मोंटेनेग्रो में हुआ।
बोधन सिवानंदन का रिकॉर्ड कम उम्र में हासिल की गई उपलब्धि के साथ महिला शतरंज में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी रेखांकित करता है।