बुल्गारिया में योतोवा की जीत से पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति बनने की राह
बुल्गारिया के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में इलियाना योतोवा जीत की ओर बढ़ती दिख रही हैं। रविवार, 1 नवंबर 2026 को हुए मतदान के बाद जारी अनुमान के अनुसार उन्हें 50.7 से 58.2 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी आंद्रेई ग्यूरोव को 38.6 से 44 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। आधिकारिक नतीजे 4 नवंबर तक आने की उम्मीद है।
दूसरे दौर में योतोवा को बढ़त
प्रारंभिक नतीजों के बाद ग्यूरोव ने हार स्वीकार कर ली। 62 वर्षीय योतोवा जनवरी 2026 से कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी निभा रही हैं। इससे पहले राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने संसदीय चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ दिया था। अनुमानित जीत के बाद योतोवा बुल्गारिया की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं।
ग्यूरोव पेशे से बैंकर हैं। वह पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री और बुल्गारिया के केंद्रीय बैंक के उप-गवर्नर रह चुके हैं। उन्हें पश्चिम समर्थक विपक्ष का समर्थन प्राप्त था। दूसरे दौर में मतदान का अनुमानित प्रतिशत 27 से 29 रहा, जो 25 अक्टूबर को हुए पहले दौर के 23 प्रतिशत मतदान से अधिक है।
अभियान में आय और शांति पर जोर
योतोवा ने अपने अभियान में आमदनी, शांति और आने वाली चुनौतियों को प्रमुख मुद्दा बनाया। वह रूस के साथ संवाद की समर्थक हैं और यूक्रेन को सैन्य सहायता देने का विरोध करती हैं। साथ ही, उन्होंने बुल्गारिया की यूरोपीय संघ और नाटो की सदस्यता का समर्थन किया है। यह रुख ऐसे समय में अहम है, जब यूरोप की सुरक्षा और रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।
मतदान के दौरान काला सागर में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रही। अक्टूबर में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए ड्रोन हमलों के बाद 21 लोग लापता बताए गए थे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने योतोवा को बधाई दी और उनके साथ आगे मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
:
- बुल्गारिया यूरोपीय संघ और नाटो—दोनों का सदस्य है।
- दो-दौर वाली व्यवस्था में प्रत्येक दौर के लिए अलग मतपत्र होता है और मतदाता उस दौर में एक उम्मीदवार चुनते हैं।
- पहले दौर के नतीजे देखकर मतदाता दूसरे दौर में अपना विकल्प बदल सकते हैं।
- दूसरे दौर में केवल दो उम्मीदवार हों, तो गिने गए मतों में बहुमत पाने वाला उम्मीदवार जीतता है; केवल सबसे अधिक वोट पाना बहुमत की गारंटी नहीं है।
आधिकारिक नतीजे घोषित होने तक योतोवा की जीत अनुमानित ही मानी जाएगी। यदि यह बढ़त बरकरार रहती है, तो बुल्गारिया के राष्ट्रपति पद पर पहली निर्वाचित महिला का चयन देश की राजनीति में एक उल्लेखनीय बदलाव होगा।