बीआर हिल्स में जैतूनी रंग का सांप, पहचान अभी स्पष्ट नहीं

बीआर हिल्स में जैतूनी रंग का सांप, पहचान अभी स्पष्ट नहीं

कर्नाटक के बिलिगिरि रंगास्वामी मंदिर पहाड़ियों यानी बीआर हिल्स क्षेत्र में 9 अक्टूबर 2026 को जैतूनी-हरे रंग के एक दुर्लभ सांप को देखे जाने की खबर सामने आई। उपलब्ध जानकारी में उसकी प्रजाति, पहाड़ियों के भीतर सटीक स्थान और मुठभेड़ की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं।

रंग से प्रजाति की पहचान तय नहीं होती

कर्नाटक में कई सांपों का रंग जैतूनी-हरा या जैतूनी-भूरा हो सकता है। इसलिए केवल रंग के आधार पर बीआर हिल्स में देखे गए सांप की प्रजाति बताना उचित नहीं होगा। पहचान के लिए शरीर पर शल्कों के नमूने, शरीर का अनुपात और सिर पर मौजूद निशान जैसे लक्षण देखे जाते हैं। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ जांच भी आवश्यक हो सकती है।

बीआर हिल्स का पारिस्थितिक महत्व

बीआर हिल्स कर्नाटक के चामराजनगर जिले में स्थित हैं और बिलिगिरि रंगास्वामी मंदिर बाघ अभयारण्य का हिस्सा हैं। यह क्षेत्र पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट के मिलन-बिंदु पर है, इसलिए यहां दोनों पर्वत प्रणालियों के बीच संक्रमण वाला प्राकृतिक परिवेश मिलता है। जंगलों और विविध आवासों वाला यह इलाका सरीसृपों, स्तनधारियों और पक्षियों का आश्रय है। हालांकि, सांप को पहाड़ियों के किस हिस्से में देखा गया, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।

कर्नाटक में जैतूनी रंग वाले अन्य सांप

कर्नाटक में जैतूनी रंग की पहचान वाले कई सांप दर्ज किए गए हैं। जैतूनी कीलबैक (Atretium schistosum) गैर-विषैला और जलीय सांप है, जो दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मिलता है। जैतूनी वन-सर्प (Rhabdops olivaceus) भी गैर-विषैला है और पश्चिमी घाट से इसके अभिलेख मिलते हैं। उत्तरी पश्चिमी घाट का लता-सर्प (Ahaetulla borealis) एक स्थानीय हरा सांप है, जिसे दिसंबर 2025 में उत्तर कन्नड़ जिले के येल्लापुर के पास जंगल में देखा गया था। इन उदाहरणों से बीआर हिल्स वाले सांप की पहचान स्थापित नहीं होती।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

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  • सांप सरीसृप वर्ग के स्क्वामाटा गण के सर्पेंटेस उपगण में आते हैं।
  • पश्चिमी घाट यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट है।
  • जैतूनी कीलबैक नैट्रिसिडी कुल का गैर-विषैला सांप है।
  • जैतूनी वन-सर्प का वैज्ञानिक नाम Rhabdops olivaceus है।

बीआर हिल्स की यह रिपोर्ट क्षेत्र की जैव विविधता की ओर ध्यान खींचती है, लेकिन पहचान की पुष्टि के लिए रंग से आगे के शारीरिक लक्षणों और विशेषज्ञ जांच की जरूरत है।

Originally written on October 9, 2026 and last modified on October 9, 2026.

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