बंगाल की खाड़ी का गहरा अवदाब तट से टकराने को तैयार
बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र 22 सितंबर 2026 को गहरे अवदाब में बदल गया और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया कि यह 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर 2026 की तड़के के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट को पार करेगा। संभावित लैंडफॉल क्षेत्र विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच बताया गया है।
तटीय इलाकों पर भारी बारिश का खतरा
मौसम तंत्र के असर से उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तटीय जिलों में तेज हवाओं और जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
22 सितंबर 2026 की शाम 5:30 बजे यह प्रणाली कालींगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से लगभग 140 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, गोपालपुर (ओडिशा) से 150 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से 220 किमी पूर्व में स्थित थी। इसकी दिशा और गति को देखते हुए तटीय पट्टी पर मौसम का असर और तेज होने की आशंका है।
गहरा अवदाब क्या होता है
भारतीय मौसम विज्ञान में गहरा अवदाब, अवदाब से अधिक और चक्रवाती तूफान से कम तीव्रता वाला उष्णकटिबंधीय मौसम तंत्र होता है। उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में ऐसे तंत्रों पर IMD की चक्रवात चेतावनी प्रणाली के तहत लगातार नजर रखी जाती है। यही कारण है कि समुद्री तटों, मछुआरों और तटीय जिलों के लिए समय रहते चेतावनी जारी की जाती है।
यह तंत्र चक्रवात में बदलने की संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन इसके बावजूद भारी वर्षा और स्थानीय स्तर पर नुकसान की आशंका बनी रहती है। बंगाल की खाड़ी उत्तर हिंद महासागर के दो प्रमुख चक्रवात-निर्माण क्षेत्रों में से एक है; दूसरा अरब सागर है।
प्रशासनिक तैयारी और स्कूल बंद
संभावित बारिश को देखते हुए आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, श्रीकाकुलम और अल्लूरी सीताराम राजू जिलों में 23 सितंबर को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया। ओडिशा में खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति और मलकानगिरी जिलों में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर यह बंदी 24 सितंबर तक बढ़ाई गई।
ओडिशा के गजपति, गंजाम, रायगड़ा और कोरापुट जिलों के लिए 23 और 24 सितंबर 2026 को रेड अलर्ट जारी किया गया है। रेड अलर्ट का अर्थ है कि मौसम की स्थिति अत्यंत गंभीर हो सकती है और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बंगाल की खाड़ी और अरब सागर, उत्तर हिंद महासागर के दो प्रमुख चक्रवात-निर्माण क्षेत्र हैं।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देश में मौसम पूर्वानुमान और चक्रवात चेतावनी जारी करने वाली राष्ट्रीय एजेंसी है।
- गहरा अवदाब, अवदाब से अधिक और चक्रवाती तूफान से कम तीव्रता वाला मौसम तंत्र होता है।
- रेड अलर्ट का उपयोग अत्यंत गंभीर मौसम स्थिति में किया जाता है, जब तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत होती है।
फिलहाल यह तंत्र तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। अगले 24 घंटों में बारिश, समुद्री स्थिति और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर नजर बनी रहेगी।