प्रवीण कुमार ने एशियाई पैरा खेलों में बनाया नया रिकॉर्ड
भारत के पैरा एथलीट प्रवीण कुमार ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेल 2026 में पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। 21 अक्टूबर को हुई स्पर्धा में उन्होंने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। भारत के बंटी ने भी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया, जिससे इस स्पर्धा में भारत ने पहले और दूसरे स्थान पर कब्जा किया।
2.05 मीटर की छलांग से नया खेल रिकॉर्ड
प्रवीण ने 2.00 मीटर की ऊंचाई पार करते ही पिछला एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड तोड़ दिया था। यह रिकॉर्ड उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाज़ोव ने 2018 के खेलों में 1.95 मीटर की छलांग के साथ बनाया था। प्रवीण ने इसके बाद 2.05 मीटर पार कर रिकॉर्ड को और बेहतर किया। गियाज़ोव ने इस बार 1.86 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।
भारत के बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग लगाई। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और इससे उन्हें रजत पदक मिला। व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ का अर्थ है कि किसी प्रतियोगिता तक खिलाड़ी द्वारा दर्ज किया गया उसका सबसे ऊंचा प्रदर्शन। इस परिणाम के साथ भारत ने पुरुषों की टी44/64 ऊंची कूद में स्वर्ण और रजत, दोनों पदक अपने नाम किए।
पैरा एथलेटिक्स में टी44/64 वर्ग का अर्थ
पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों को उनकी दिव्यांगता के प्रकार और उसकी सीमा के आधार पर खेल वर्ग दिए जाते हैं। वर्ग के आगे लगा ‘टी’ ट्रैक और कूद की स्पर्धाओं को दर्शाता है, जबकि ‘एफ’ फेंक से जुड़ी स्पर्धाओं के लिए होता है। टी44 और टी64 वर्ग निचले अंगों से संबंधित दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के वर्ग हैं। टी64 में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनके निचले अंग का विच्छेदन हुआ हो और वे कृत्रिम अंग के सहारे प्रतिस्पर्धा करते हों। टी44/64 जैसी संयुक्त स्पर्धा में अलग-अलग वर्गों के खिलाड़ी एक साथ भाग ले सकते हैं।
प्रवीण के पदक सफर में जुड़ी नई उपलब्धि
एशियाई पैरा खेल एशिया के दिव्यांग खिलाड़ियों का बहु-खेल आयोजन है। इसकी शुरुआत 2010 में चीन के ग्वांगझू में हुई थी और यह प्रतियोगिता हर चार वर्ष में आयोजित की जाती है। इसका संचालन एशियाई पैरालंपिक समिति करती है। प्रवीण इससे पहले टोक्यो 2020 पैरालंपिक में ऊंची कूद का रजत और पेरिस 2024 पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। एशियाई पैरा खेलों का यह स्वर्ण और नया खेल रिकॉर्ड उनके अंतरराष्ट्रीय पदक सफर में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पहले एशियाई पैरा खेल 2010 में चीन के ग्वांगझू में आयोजित हुए थे।
- एशियाई पैरा खेलों का आयोजन प्रत्येक चार वर्ष में किया जाता है।
- प्रवीण कुमार ने 2026 में पुरुषों की टी44/64 ऊंची कूद में 2.05 मीटर की छलांग लगाई।
- इस स्पर्धा का पिछला 1.95 मीटर का खेल रिकॉर्ड तेमुरबेक गियाज़ोव ने 2018 में बनाया था।
प्रवीण के रिकॉर्ड प्रदर्शन और बंटी के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ ने इस स्पर्धा में भारत को दोहरे पदक दिलाए।